फतेहाबाद। कोरोना महामारी के बाद शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पढ़ाई न रुके इसको लेकर बोर्ड कक्षाओं दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को टैबलेट दिए थे। इसके बाद कक्षा ग्यारहवीं के विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए। टैबलेट को लेकर शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन भी जारी की जिसके अनुसार सप्ताह में ई-अधिगम के तहत पढ़ाई करना जरूरी है। लेकिन विद्यार्थी टैबलेट पर पढ़ाई करने को तैयार नहीं हैं। जिले के 52 फीसदी विद्यार्थी ही टैबलेट पर पढ़ाई कर रहे हैं। ये ही नहीं सिर्फ 26 फीसदी विद्यार्थी ही ई-अधिगम चुने गए हैं।
शिक्षा विभाग हर सप्ताह ई-अधिगम विद्यार्थियों का चयन करता है। पिछले सप्ताह की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 22308 विद्यार्थियों में से 11191 विद्यार्थियों ने टैबलेट पर पढ़ाई की है। इसमें से ई अधिगम 5847 विद्यार्थी चुने गए हैं। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने कक्षा दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को टैबलेट दे रखे हैं। विद्यार्थियों को सप्ताह में प्रति विषय 35 मिनट पढ़ाई करना जरूरी है। इसके अलावा प्रति विषय सप्ताह में दो-दो टेस्ट भी देने जरूरी हैं। अगर विद्यार्थी इन नियमों के मुताबिक पढ़ाई करता है तो उसे ई-अधिगम चुना जाता है।
सोशल मीडिया एप चला रहे विद्यार्थी
शिक्षा विभाग ने टैबलेट पर विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए एप दे रखे हैं। विभाग के मुताबिक विद्यार्थी दूसरी एप नहीं चला सकते है। लेकिन विद्यार्थी लॉक तुड़वाकर दूसरी एप चला रहे है। जिले के 68 फीसदी टैबलेट में ही नया वर्जन अपलोड हुआ है। अब विभाग ने टैबलेट की जांच के लिए रेंडम तौर पर 4173 टैबलेट ले रखे है।
मैनुअल ही करवाई जाए पढ़ाई
कोरोना महामारी के दौरान जरूरत महसूस हुई थी लेकिन अब ऐसे हालात नहीं है। बच्चे हाथ में टैबलेट लेकर बैठ जाते है। मां-बाप सोचते है कि बच्चे पढ़ रहे हैं लेकिन वह कुछ और करते रहते हैं। अधिकतर मां-बाप को भी टैबलेट की जानकारी नहीं है। विद्यार्थियों से ये वापस लिए जाएं।
- कृष्ण पूनियां, गांव भोड़िया खेड़ा
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स्कूलों में शिक्षकों को पता होता है कि टैबलेट का गलत प्रयोग हो रहा है लेकिन फिर भी वह चुप रहते है। शिक्षक पहले की तरह ही पढाएं। इनकी महामारी के दौरान जरूरत महसूस हुई थी लेकिन अब ऐसे हालात नहीं है।
-रामकिशन, नागपुर
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टैबलेट के प्रयोग को लेकर समय-समय पर स्कूल इंचार्ज की बैठक ली जाती है। शिक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह निगरानी रखें। निदेशालय की तरफ से भी मॉनिटरिंग की जा रही है।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी