फतेहाबाद। अब पेंशन के नए लाभार्थियों को सहमति लेने के नाम पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में नहीं बुलवा सकेंगे। लाभार्थियों से सहमति लेने के लिए भी विभाग के कर्मचारी गांव या खंड स्तर पर जाएंगे। वहीं, पर सहमति लेकर आवेदन कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार थारी पेंशन-थारे घर योजना चलाकर घर बैठे ही पेंशन बनाने का दावा कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक दिव्यांग या चलने-फिरने में असमर्थ की दिव्यांग पेंशन घर बैठे बन जाती है। मगर हकीकत में दिव्यांगों के परिजन उनको गोद में उठाकर लाते दिखते हैं, फिर भी समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कागजों के फेर में फंसाकर पेंशन नहीं बना रहे हैं। दिव्यांगों को पहले मेडिकल बनाने के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, उसके बाद ही सही कसर को पूरा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। कुछ ही दिन पहले जिला समाज कल्याण विभाग के पास क्रीड विभाग की ओर से 2400 नए पेंशन पात्रों के नाम भेजे गए हैं।
सरकार की ओर से समाज कल्याण विभाग को आदेश है कि इन पात्रों की पेंशन की सभी प्रक्रिया गांव या खंड स्तर पर जाकर पूरी की जाएगी, लेकिन विभाग के एसी में बैठने के शौकीन अधिकारी इन लाभपात्रों को भीषण गर्मी में जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में ही बुला रहे थे। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी इन पेंशन पात्रों की सूची गांवों के सरपंचों को भेज देते हैं। इसके बाद सरपंचों की ओर से पेंशन प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए लाभपात्रों को फतेहाबाद भेज दिया जाता है।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा था
पेंशनधारकों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। 11 जून को फाइलों में उलझी थारी पेंशन-थारे घर योजना शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद एडीसी राहुल मोदी ने मामले में संज्ञान लेते हुए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को शुक्रवार से गांव या खंड स्तर पर जाकर ही पेंशन पात्रों की सहमति लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं, वीरवार को फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय में भी पेंशन पात्रों के लिए शिविर लगाया गया।
कोट
जिले में कुल 1400 पेंशन पात्रों के नाम सूची में शामिल हैं। इनके लिए वीरवार को फतेहाबाद नगर परिषद में पेंशन प्रकिया को पूरा करने का शिविर लगाया गया है।जो पेंशन पात्र चलने फिरने में असमर्थ हैं, उनकी पेंशन घर जाकर बनाई जाएगी।
-सरोज देवी, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी, फतेहाबाद
कोट
गांवों से समाज कल्याण विभाग के जिला कार्यालय में पेंशन पात्रों को सहमति लेने के लिए नहीं बुलाया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार से खंड स्तर पर या गांव में ही जाकर सहमति लेने के निर्देश दे दिए गए हैं। पेंशन पात्रों को किसी भी कार्य के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने हैं। न ही किसी को पेंशन बनवाने के नाम पर कोई राशि देने की जरूरत है। यह सारा काम निशुल्क है।
-राहुल मोदी, अतिरिक्त उपायुक्त, फतेहाबाद