फतेहाबाद। नगर परिषद द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों में गड़बड़ी के लग रहे आरोपों को लेकर अब ठेकेदार को आसानी से भुगतान नहीं हो पाएगा। अधिकारी भी एमबी यानि इंद्राज मापक पुस्तिका में गलत रिपोर्ट दर्ज नहीं कर पाएंगे। इंद्राज मापक पुस्तिका में रिकॉर्ड दर्ज करने से पहले एमई और जेई को प्रधान, उपप्रधान, पार्षद एवं सामाजिक कार्यकर्ता की उपस्थिति में विकास कार्य की जांच-पड़ताल एवं परिमाप करवाना होगा। अगर इसको लेकर लापरवाही बरती तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक ने इस संबंध में परिषद अभियंता नरेंद्र पंवार, कनिष्ठ अभियंता अरुण कुमार, लोकेंद्र कुमार को निर्देश जारी किए हैं। जारी हुए निर्देशों में कहा गया है कि जिन विकास कार्यों की ई-निविदा पहले आमंत्रित हो चुकी है और जिन विकास कार्यों को अभी संपन्न करवाया जा रहा है उन सभी विकास कार्यों का इंद्राज मापक पुस्तिका में करवाने से पहले कार्य की जांच पड़ताल एवं परिमाप कार्यालय के प्रधान, उपप्रधान, पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता की उपस्थिति में करवाना होगा। एक संयुक्त संतोषजनक रिपोर्ट तैयार करके संबंधित फाइल में लगानी होगी। इसके बाद ही उक्त काम का इंद्राज मापक पुस्तिका में करेंगे।
काम होने के बाद लगते हैं गड़बड़ी के आरोप
नगर परिषद द्वारा करवाए जा रहे काम को लेकर लगातार गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। काम होने के बाद प्रधान, उपप्रधान और पार्षद व कई अन्य लोग गड़बड़ी के आरोप लगा चुके हैं। इसके अलावा भुगतान होने के बाद भी गड़बड़ी के आरोप लगते हैं। इसके चलते मापक पुस्तिका में इंद्राज से पहले संबंधित लोगों की मौजूदगी में जांच-पड़ताल और परिमाप होगा।