फतेहाबाद। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। सोमवार को हड़ताल पर गए कर्मचारियों को सिविल सर्जन कार्यालय ने नोटिस जारी कर पूछा है कि हड़ताल पर क्यों हैं, इसका स्पष्टीकरण दें और काम पर लौटें, अन्यथा कार्रवाई होगी।
इधर...सोमवार को एनएचएम कर्मचारी सांझा मोर्चा ने चार दिन के लिए हड़ताल को और बढ़ा दिया है। सोमवार को जिले में 396 में से 335 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों की हड़ताल से सिविल सर्जन कार्यालय में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। मुख्यालय को फील्ड की रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही है। सिविल सर्जन कार्यालय में टीबी रोकथाम शाखा पूरी तरह से बंद रही।
इसके अलावा सोमवार को भी 28 में से सिर्फ 9 ही एंबुलेंस चल पाई। एचकेआरएन के तहत तैनात कर्मचारी एंबुलेंस व्यवस्था संभाल रहे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से टीकाकरण, गर्भवती जांच प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा मनोरोग विभाग में काउंसिलिंग व रिपोर्टिंग बंद रही।
जानिये कहां कितने कर्मचारी हड़ताल पर
अस्पताल कर्मचारी तैनात ड्यूटी पर पहुंचे हड़ताल में हुए शामिल
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 64 8 56
रतिया 30 8 22
टोहाना 34 2 32
भूना 38 0 38
भट्टूकलां 64 14 50
जाखल 44 0 44
भूथनकलां 58 4 52
बड़ोपल 26 4 22
सिविल सर्जन कार्यालय 25 6 19
जिला आयुर्वेदक 13 12 0
एनएचएम कर्मचारी कल निकालेंगे रोष मार्च
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने हड़ताल को 2 अगस्त तक बढ़ा दिया है। सोमवार को सीएमओ डॉ. संगीता को हड़ताल को आगे बढ़ाने बारे नोटिस सौंपा। सांझा मोर्चा के नेता विपिन शर्मा ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारी 26 जुलाई से हड़ताल पर हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं, जिससे प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों में भारी रोष है। 31 जुलाई को एनएचएम कर्मचारी जिला मुख्यालय पर रोष मार्च निकालेंगे और मुख्यमंत्री के नाम विधायक को ज्ञापन सौंपेंगे।
ये हैं मांगें
एनएचएम कर्मचारियों को पक्का करने, सातवें वेतन आयोग का लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, ईएल, एचआरए की एवज में नियमानुसार क्वार्टर अलॉट करने, हड़ताल का काटा गया वेतन देने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग हैं।
हड़ताल पर गए एनएचएम कर्मचारियों को नोटिस जारी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन