गांव दरियापुर के फुटबाल मैदान से गायब हुआ जाल व झुकी हुई ग्रिलें।
फतेहाबाद। गांव दरियापुर में हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ फुटबाल मैदान अब बेसहारा हो गया है। इस फुटबाल मैदान का निर्माण करके लोक निर्माण विभाग द्वारा खेल विभाग को हैंडओवर करना था, लेकिन आठ साल बीतने के बाद भी यह मैदान खेल विभाग के अधीन नहीं हुआ है। यहां पर राष्ट्रीय स्तर की फुटबाल अकादमी व छात्रावास भी बनना था। फुटबाल मैदान तो बन गया, लेकिन छात्रावास का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अभी तक इसका बजट ही पारित नहीं हुआ है।
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन कांग्रेस सरकार में साल 2012 में फतेहाबाद के गांव दरियापुर में सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ फुटबाल मैदान की घोषणा की गई थी। तत्कालीन केंद्रीय खेल एवं युवा राज्य मंत्री अजय माकन ने इसका शिलान्यास किया था। यहां पर फुटबाल मैदान व छात्रावास का निर्माण किया जाना था। तीन साल बाद 2015 में तीन करोड़ की लागत से फुटबाल मैदान तो यहां पर बन गया, लेकिन छात्रावास आज तक नहीं बना, जिस कारण यहां पर स्तरीय फुटबाल अकादमी भी नहीं बन पाई है। जिस मकसद से यह ग्राउंड अस्तित्व में लाया गया था वह तो दूर अब यहां किशोर एवं युवा क्रिकेट की प्रैक्टिस करते हैं। वह भी इस ग्राउंड के बीचों-बीच। हालांकि गांव के आसपास के बच्चे यहां पर आर्मी व बीएसएफ की तैयारी के लिए दौड़ भी लगाते हैं, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय फुटबाल मैदान अब केवल नाम का ही रह गया है। संवाद
टूटा गोल पोस्ट, झुकीं ग्रिलें
दरियापुर के इस फुटबाल मैदान में गोल पोस्ट टूट गया है, वहीं इस मैदान के चारों ओर लगाए गए जाल गायब हो चुके हैं और इसकी ग्रिल भी झुककर गिरने के कगार पर हैं। ज्ञात रहे कि जब इस फुटबाल मैदान का शिलान्यास हुआ था तो मंत्री अजय माकन ने दावा किया था कि ये उत्तर भारत का एकमात्र आर्टिफिशियल फुटबॉल टर्फ होगा जो सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ से बना हुआ है।
कोट
अभी तक दरियापुर फुटबाल अकादमी खेल विभाग के अधीन नहीं आई है। ऐसे में उसकी व्यवस्था नहीं देख सकते। खेल विभाग के अधीन होने के बाद ही उसमें व्यवस्था की जाएगी। यहां छात्रावास भी बनना था, लेकिन मसला अटक गया है।
-सतविंद्र कौर गिल, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद