फतेहाबाद। जिले में बंदरों व कुत्तों के उत्पात के बीच नागरिक अस्पताल में पिछले एक माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म हो चुके हैं। फिलहाल अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन आने की उम्मीद भी कम बनी हुई है। शहर में इन दिनों कुत्तों के अलावा बंदरों से लोग काफी त्रस्त हैं। अनुमान के अनुसार, अकेले बंदरों के काटने से अब तक 60 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन शहरी व ग्रामीण तबकों से सात से आठ केस कुत्तों व बंदरों के काटने के आ रहे हैं, लेकिन एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने के कारण लोगों को बाहर से महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है।
फतेहाबाद शहर इन दिनों बंदरों की दहशत से जूझ रहा है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी अक्सर आवारा कुत्तों के काटने की बातें सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 700 लोगों की ओपीडी हुई है, जिसमें लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा है या वे बंदरों का शिकार हुए हैं। अकेले फतेहाबाद शहर में बंदरों के काटने से 60 लोग घायल हो चुके हैं। यह आंकड़ा उन लोगों का है, जो अब तक सामने आ चुके हैं। कई लोग तो सामने आने के बजाय स्वयं ही इलाज करवा लेते हैं। संवाद
बेटी को कुत्ते ने काटा, 350 रुपये का बाहर से लाए इंजेक्शन
नागरिक अस्पताल में आए गांव भूथन कलां के सुंदर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी को कुत्ते ने काट लिया था, वह नागरिक अस्पताल में आए, लेकिन यहां पर इंजेक्शन नहीं मिला। मजबूरन 350 रुपये का इंजेक्शन बाहर से लेकर आना पड़ा।
नागरिक अस्पताल में 100 रुपये में लगता है टीका
सरकारी अस्पताल में सामान्य मरीज को एक इंजेक्शन लगवाने के लिए 100 रुपये अदा करने पड़ते हैं, जबकि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व आयुष्मान कार्ड धारक को मुफ्त इंजेक्शन लगाया जाता है। चिकित्सकों के अनुसार कुत्ते और बंदर के काटने पर पहले तीन, सात और 29 दिन में पांच इंजेक्शन लगाए जाते हैं। यह पांच इंजेक्शन उस स्थिति में लगाए जाते हैं, जब व्यक्ति को काटने वाला कुत्ता पागल हो या उसकी 10 दिन के अंदर मौत हो गई हो। अन्यथा मरीज को तीन इंजेक्शन ही लगाए जाते हैं। गंभीर रूप से घायल मरीज को भी पांच इंजेक्शन ही लगते हैं। अगर कोई कुत्ता या बंदर किसी को केवल टच करता है तो एक इंजेक्शन से काम चल जाता है। अगर काटने से खून आता है तो तीन इंजेक्शन व अधिक घायल होने पर पांच इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जो अलग-अलग अवधि में लगाए जाते हैं।
कोट
नागरिक अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन फिलहाल समाप्त हो गए हैं। कुछ लोगों को अस्पताल की ओर से अपने स्तर पर बाहर से मंगवाकर इंजेक्शन लगाए गए हैं। फिलहाल 500 इंजेक्शन की डिमांड भेजी गई है।
-डॉ. सपना गहलावत, सीएमओ, फतेहाबाद