समैन। गांव भीमेवाला के ग्रामीणों ने लगातार तीसरी बार सर्वसम्मति से सरपंच चुनकर नया इतिहास रचा है। दसवीं पास महिला निर्मला नैन गांव की नई महिला सरपंच चुनी गई हैं। गांव में 36 बिरादरी की तीन दौर की बैठक के बाद सरपंच पद के लिए सर्वसम्मति बनाई गई। ग्रामीणों ने निर्मला नैन पर सहमति जता दी। इससे पहले साल 2016 में सोमवीर गिल और साल 2011 में नन्हीं देवी को भी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से ही सरपंच चुना था।
गांव भीमेवाला में सर्वसम्मति से गांव की महिला को सरपंच चुने जाने पर खुशी का माहौल है। ग्रामीण प्रदीप नैन ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से गांव में सरपंच पद के लिए सर्वसम्मति बनाने के लिए प्रयासरत थे। इसके लिए गांव में 36 बिरादरी की तीन बार बैठक हुई। वीरवार सुबह ग्रामीणों की बैठक मास्टर सुरेश नैन के घर पर हुई। बैठक में ग्रामीणों ने सहमत होकर निर्मला नैन को सरपंच चुन लिया। निर्मला नैन के पति सुरेश कुमार ने कहा कि उन्हें बड़ी खुशी है कि गांव में सर्वसम्मति से उनकी पत्नी को सरपंच पद के लिए चुना गया है, उनकी पत्नी 10वीं पास हैं। सभी ग्रामीणों के सहयोग से विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाएंगे।
बैठक में पूर्व सरपंच रमेश नैन, रामकेश गिल, सतबीर कालीरामन, कृष्ण कुमार, एडवोकेट बारूराम, रणधीर नैन, पूर्व सरपंच सुरेश नैन, धूपसिंह, जगदीश चंद्र, सज्जन नागल, पूर्व सरपंच होशियार सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
3500 की आबादी गांव में, 1300 हैं मतदाता
गांव भीमेवाला की कुल जनसंख्या 3500 है। गांव में आठ वार्ड हैं और मतदाताओं की संख्या 1307 है। इस बार गांव का सरपंच पद महिला के लिए आरक्षित है। लगातार तीन प्लान से सर्वसम्मति बनाकर ग्रामीणों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। निर्विरोध सरपंच चुनने से गांव में विकास कार्यों के लिए सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये भी दिए जाएंगे।
कोट
ग्रामीणों ने सरपंच पद के लिए मेरे नाम पर सर्वसम्मति बनाकर गांव के भाईचारे को सर्वोपरि रखा है। मेरा परिवार ग्रामीणों के इस स्नेह का आभारी रहेगा। ग्रामीणों की मदद से गांव को समृद्ध बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
-निर्मला नैन, नवनिर्वाचित सरपंच, गांव भीमेवाला