जाखल। जाखल से टोहाना को जाने वाले मार्ग के बीच में घग्घर नदी पर बने पुल का नए सिरे से निर्माण होगा। इस पुल को चौड़ा भी किया जाएगा। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही लोक निर्माण विभाग की टीम मुआयना कर पुल के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस पुल के नवनिर्माण को मंजूरी दिलाने में हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने महती भूमिका निभाई है। इस पुल के नवनिर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी।
दरअसल, गांव कासिमपुर से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी में हर वर्ष मानसून की बारिश के दिनों में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। जाखल-कासिमपुर पुल नीचा होने के कारण घग्गर नदी का पानी पुल के ऊपर से निकलने लगता है। इससे किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। हजारों क्यूसेक पानी बांध के किनारे बहने से किसानों को फसलों के जलमग्न होने का खतरा रहता है। किसानों द्वारा घग्घर नदी पर इस पुल के नवनिर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन विधायक सुभाष बराला ने पुल के निर्माण का भरोसा दिया था।
10 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
इस पुल के नवनिर्माण से क्षेत्र के आसपास के किसानों व 10 से भी ज्यादा गांवों के लोगों को जाखल-टोहाना पहुंचने के लिए आसानी होगी। गांव नड़ैल, कासिमपुर, पूर्णमाजरा, कुदनी, उदयपुर, हिम्मतपुरा, सिंबल के अलावा मामुपुर, चुहड़पुर, गिरणो आदि गांवों के लोगों का जाखल में आवागमन इसी पुल से होता है। इस समस्या का सामना कर रहे किसानों द्वारा करीब चार दशकों से घग्गर नदी पर पुल को नया व ऊंचा उठाकर बनाने की मांग की जा रही है।
मंजूरी की सूचना मिलते ही लोगों ने जताई खुशी
घग्गर नदी पर पुल के निर्माण की मंजूरी की सूचना मिलते ही क्षेत्रवासियों में खुशी छा गई। गांव नड़ैल के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जगजीत सिंह, गांव कासिमपुर निवासी जरनैल सिंह, भोला सिंह, गुरजीत सिंह, सुखप्रीत सिंह, सुखचैन, उत्तम सिंह, सतनाम आदि ने पुल के नवनिर्माण को मंजूरी मिलने पर खुशी जताते हुए प्रदेश सरकार से जल्द प्रक्रिया शुरू करवाने का आग्रह किया।
:: कासिमपुर-नड़ैल पुल को नया बनाने की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही विभाग की टीम यहां का दौरा करेगी। इसके बाद पुल को नए सिरे से बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे पहले भी तलवाड़ी के घग्गर पुल व म्योंद चुहड़पुर के बीच रंगोई नाले के पुल को भी चौड़ा करके नया बनाने का काम किया गया था।
-सुभाष बराला, चेयरमैन, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो