फतेहाबाद। शादी में बेईज्जती को लेकर हुए विवाद के बाद पिस्तौल से फायर कर हत्या का प्रयास करने के दोषी जितेंद्र उर्फ ज्ञानी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने सात साल की कैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
रतिया शहर पुलिस ने 20 जनवरी 2020 को धारसूल निवासी बजाज पुत्र राकेश की शिकायत पर आरोपी जितेन्द्र उर्फ ज्ञानी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जितेंद्र उर्फ ज्ञानी को सोमवार को दोषी करार दिया था। अदालत ने दोषी को आईपीसी की धारा 307 में सात साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 323 में एक साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माना तथा आर्म्स एक्ट में तीन साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता बजाज ने बताया था कि वह कुलां में जिम चलाता है। 19 जनवरी को उसके दोस्त जगजीत व हरदीप का फोन आया कि वे रतिया में शादी में गए हुए हैं और वापस के लिए उनके पास साधन नहीं है। जिस पर वह उन्हें लेने रतिया में चला गया। उसने बताया कि जब वे वापस जा रहे थे तो शाम साढ़े 6 बजे रतिया के भगत सिंह चौक पर आरोपी उन्हें अपनी गाड़ी में मिला। शिकायतकर्ता अनुसार आरोपी ने कहा कि हरदीप व जगजीत को शादी में बेइज्जती करने का मजा चखाना है और उस पर पिस्तौल से फायर कर दिया, जिससे उसकी जांघ पर गोली लगी। आरोप है कि जितेंद्र ने चार-पांच बार फायरिंग की और मौके से भाग गया।