फतेहाबाद। नेशनल हाईवे पर बाल वाटिका स्कूल के पास स्थित ग्राम पंचायत मताना की 2 कनाल 2 मरले जमीन की शुक्रवार को नगर परिषद के अधिकारियों ने पैमाइश की। इस पर गांव के सरपंच ने रोष जताया है। उनका कहना है कि यह जमीन ग्राम पंचायत के तहत आती है। ऐसे में जमीन की पैमाइश बिना ग्राम पंचायत की सहमति के जायज नहीं है। इसको लेकर वह अदालत में भी जाएंगे।
हरियाणा सरकार ने नगर परिषद का दायरा हाल ही में बढ़ाया है। इसमें नेशनल हाईवे पर हिसार रोड के पास स्थित बाल वाटिका स्कूल के नजदीक ग्राम पंचायत मताना की 2 कनाल 2 मरला जमीन भी आती है। इस जमीन की पैमाइश के लिए ही शुक्रवार को नगर परिषद के अधिकारियों की टीम पटवारी के साथ मौके पर पहुंची थी। इस दौरान गांव के सरपंच एडवोकेट दलबीर वर्मा को भी फोन किया गया, लेकिन वह पंजाब में थे। उन्होंने इस पैमाइश पर एतराज जताया है। उन्होंने बताया कि यह जमीन नेशनल हाईवे से लगती है और करोड़ों रुपये की है। यह जमीन अगर नगर परिषद की सीमा के अंतर्गत आई तो उनको पहले क्यों नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि वह इसके विरोध में अदालत में जाएंगे।
पटवारी ने भी माना, ग्राम पंचायत की है जमीन
इस अवसर पर मौके पर पैमाइश करवाने पहुंचे पटवारी सतपाल ने बताया कि जमीन की पैमाइश तो हुई है, लेकिन यह जमीन अभी भी ग्राम पंचायत मताना के नाम ही है। वह अपनी रिपोर्ट में यही लिखेंगे कि यह जमीन ग्राम पंचायत मताना की है।
कोट
शहर में कई कॉलोनियों के अलावा नगर परिषद की सीमा भी बढ़ी है। इसमें ग्राम पंचायत मताना की 2 कनाल 2 मरला जमीन भी नगर परिषद के अंतर्गत आई हुई है। शहर के अन्य हिस्सों में भी जमीन की पैमाइश करनी आरंभ कर दी गई है। मताना के सरपंच को बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने पहले ही इस बारे में बता दिया था। इसके बाद ही पैमाइश का कार्य आरंभ हुआ है, ताकि अगर सरकार नगर परिषद की सीमा के बारे में पूछे तो उनको सही जवाब दिया जा सके।
राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद फतेहाबाद।