रतिया। नगरपालिका में सोमवार को रिवाइज बजट को लेकर रखी गई बैठक पांचवीं बार भी चुनाव आचार संहिता के चलते रद्द हो गई। वहीं, बैठक के लिए पहुंचे सात पार्षदों ने नगरपालिका प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रशासन ने बैठक टाइम से पूर्व ही जानबूझकर रद्द कर दी। बार-बार बैठक रद्द होने से पार्षदों में भी रोष है।
पार्षद गुरप्रीत सिंह गोपी, सतपाल सिंह, विजय गर्ग, अजमेर सिंह, हैप्पी सैनी, गुरविंदर सिंह, सोनू जिंदल व अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका द्वारा सोमवार को बजट के लिए बैठक का समय 2.30 बजे रखा गया था और आठ पार्षद 2 बजे नगरपालिका कार्यालय में भी पहुंच गए थे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि 2.16 बजे नगरपालिका सचिव द्वारा उनके मोबाइल पर मैसेज किया गया है कि पार्षद न आने के कारण बैठक को रद्द किया जाता है जबकि अभी बैठक का समय भी नहीं हुआ था। पार्षदों ने कहा कि विधायक लक्ष्मण नापा ने पिछले साल पार्षदों को एकजुट कर बजट बैठक पास करने के लिए पार्षदों का आपसी समझौता करवाया था और कहा था कि बजट पास होने के बाद रतिया नगरपालिका द्वारा 13 करोड़ के विकास कार्य करवाए जाएंगे। मगर पार्षदों ने आरोप लगाया कि बजट पास किए जाने के बाद एक साल बीतने पर भी नगरपालिका ने किसी वार्ड में कोई भी विकास कार्य नहीं करवाया। 13 करोड़ रुपये का जो बजट पास किया गया था, उसकी राशि कथित रूप से फर्जी बिल बनाकर खुर्द बुर्द कर दी गई और शहर में कोई भी विकास नहीं हुआ। जब पार्षदों द्वारा अधिकारियों से 13 करोड़ रुपये के पिछले बजट का हिसाब किताब मांगा जाता है तो किसी भी पार्षद को कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं करवाया जाता। इससे आशंका है कि 13 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाकर भ्रष्टाचार किया गया है।
वहीं, इस संबंध में नगरपालिका सचिव पंकज जून से बात की गई तो उन्होंने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने के कारण अब नया कोई भी कार्य नहीं करवाया जा सकता। इसलिए बैठक को रद्द कर दिया गया है।