तेहाबाद सिविल सर्जन कार्यालय में बैठक लेते हुए उप निदेशक डॉ.अलका
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फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही सुरक्षित मातृत्व योजनाओं के बावजूद जिले में मातृत्व मृत्युदर इस साल 107 रही है। जिले में 15 गर्भवती की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग गर्भवती के रजिस्ट्रेशन से लेकर डिलीवरी के 42 दिन तक फॉलोअप लेता है। जिले में बढ़ी मृत्युदर को लेकर स्वास्थ्य विभाग की उप निदेशक (मातृत्व स्वास्थ्य) डॉ. अलका गर्ग दो दिवसीय दौरे पर आई। दौरे के दूसरे दिन फतेहाबाद के सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। यहां पर उप निदेशक ने सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, उप सिविल सर्जन डॉ. हमेश बंसल व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और रिकॉर्ड जांचा।
उप निदेशक डॉ. अलका गर्ग द्वारा नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड और लेबर रूम का निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित था, इसको लेकर मंगलवार को ही नागरिक अस्पताल प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया था। लेकिन उप निदेशक यहां पर निरीक्षण करने के लिए नहीं पहुंची। सिविल सर्जन कार्यालय में बैठक के बाद मुख्यालय लौट गईं।
हाई रिस्क गर्भवतियों की सूची बनाकर फॉलोअप लेने के निर्देश
उप निदेशक डॉ. अलका गर्ग ने गर्भवती महिला को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान के तहत लगने वाले कैंप का रिकॉर्ड जांचा। जिले में गर्भवती की मृत्यु के रिकॉर्ड की भी जांच की और कारण को लेकर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान कैंपों में हाई रिस्क गर्भवती की अलग से सूची बनाकर फॉलोअप लेने के निर्देश दिए। इसके अलावा गर्भवती के टीबी, एचबी, शुगर, बीपी और अल्ट्रासाउंड करवाने के भी निर्देश दिए।
उप निदेशक डॉ. अलका दो दिवसीय दौरे पर आई थी। टोहाना में मंगलवार को निरीक्षण किया गया, बुधवार को यहां बैठक ली गई है। बैठक में उन्होंने मातृत्व मृत्यु दर के कारणों और उन्हें कम करने को लेकर चर्चा की। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान के तहत कैंप में आने वाली हाई रिस्क गर्भवती की सूची बनाकर फॉलोअप लेने के निर्देश दिए हैं।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन