फतेहाबाद। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्कूटी पर अधिक लोन लगाने के मामले की सुनवाई करते हुए मांझू होंडा एजेंसी को उपभोक्ता को 12380 रुपये सात फीसदी ब्याज सहित देने व 51 हजार रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
इस मामले में अशोक नगर निवासी बिमला देवी व राजीव वर्मा ने आयोग में शिकायत देकर बताया था कि उन्होंने मांझू होंडा एजेंसी से एक्टिवा 4जी स्कूटी खरीदी थी। इस स्कूटी की कीमत 50 हजार 439 रुपये थी। उन्होंने 20 हजार 300 रुपये की डाउन पेमेंट देकर यह स्कूटी ले ली।इसके बाद एजेंसी की ओर से उनका श्रीराम सिटी फाइनेंस कंपनी से स्कूटी पर लोन करवा दिया गया। उन्होंने लगातार 2381 रुपये की किस्तें भी भर दी। जब वह कंपनी के पास एनओसी लेने गए तो कंपनी की ओर से उनको बताया गया कि उनका लोन 45 हजार रुपये का हुआ है, जबकि उनको बताया गया था कि उनका लोन 30 हजार 139 रुपये का किया जाएगा। इस तरह उनको कंपनी को 12380 रुपये अधिक देने पड़ गए और यह स्कूटी उनको 62 हजार 819 रुपये में पड़ी।
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजबीर सिंह, सदस्यों हरीश मेहता व व केएस निरानियां ने इस मामले में मांझू होंडा को दोषी मानते हुए एजेंसी को उपभोक्ता को 12380 रुपये सात फीसदी ब्याज सहित व 51 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।