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पुराने बस स्टैंड से दौड़ीं लोकल और लंबे रूटों की बसें

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पुराने बस स्टैंड के अंदर से बाहर निकलती लोकल रुट की गांव गोरखपुर जाने वाली बस। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। बसों का संचालन शहर से करने के आदेशों के बाद छोटे से लेकर बड़े सभी रूटों की बसों का संचालन मंगलवार को पुराने बस स्टैंड से शुरू हो गया। सुबह से ही शहर से बसें अपने रूटों के लिए जाती दिखाई दी। सबसे अधिक सवारियां पुराना बस स्टैंड पर दिखाई दी और नए बस स्टैंड पर कुछेक सवारियां ही थीं। पुराने से नए बस स्टैंड के लिए सिटी बसें बंद कर दी गई हैं। पुराने बस स्टैंड से बसों के संचालन से शहर के लोगों व विद्यार्थियों ने भी राहत की सांस ली है।
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बता दें कि फतेहाबाद के हुडा सेक्टर-5 में बने नए बस स्टैंड का उद्घाटन चार सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने किया था। बस स्टैंड उद्घाटन के अगले ही दिन से सभी बसों का शहर में संचालन बंद कर दिया गया और बाईपास से सभी बसों को नए बस स्टैंड पर लाने के आदेश दे दिए गए थे। विरोध के स्वर उठे और विद्यार्थियों व किसान संगठनों ने जब इसका विरोध किया और चार बार जाम लगे तो दबाव में आकर प्रशासन ने आठ दिन बाद एक बार फिर से शहर से बसों का संचालन आरंभ कर दिया।
फतेहाबाद के पुराने बस स्टैंड के बाहर लंबे रूटों की बसें बस स्टैंड में प्रवेश नहीं कर रही थी। वह बस स्टैंड के बाहर से ही सवारियां बैठा रही थी। हालांकि गांवों व भूना तथा रतिया के जाने वाली लोकल बसें बस स्टैंड के अंदर से ही जा रही थी। लोकल रूट की बसों के चालक यह भी देख रहे थे कि कहीं उनके रूट पर जाने वाली सवारियां ऑटो में तो नहीं बैठी हैं। जब वह आवाज लगा रहे थे तो सवारियां भी ऑटो से उतरकर बस में सवार हो रही थी। नए बस स्टैंड पर सभी बसें बस स्टैंड के अंदर आकर सवारियां भरकर जा रही थी, हालांकि पहले की तूलना में सवारियां कम थी। सोमवार तक जहां बस स्टैंड पर ऑटो चालकों का जमघट था, वह मंगलवार को दिखाई नहीं दिया और इक्का दुक्का ऑटो ही नए बस स्टैंड पर दिखाई दिए।
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सिटी बसें थमी, रूट वाइज चल रही बसें ले रही नए बस स्टैंड तक का किराया
पुराने बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक जाने के लिए रोडवेज विभाग द्वारा लगाई गई सिटी बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। पुराने बस स्टैंड से नए बस स्टैंड की ओर जा रही लोकल व लंबे रूट की बसें नए बस स्टैंड पर जाने के लिए सवारियों से 10 रुपये प्रति सवारी किराया वसूल रही थी। वहीं बस चालकों व परिचालकों में नए बस स्टैंड को लेकर चर्चा भी होती देखी गई। सालासर से सिरसा रूट की बस का चालक परिचालक से कह रहा था कि ये क्या हो गया भाई, कभी पुराना बस स्टैंड तो कभी नया बस स्टैंड, समझ नहीं आ रहा अब तो।
पुराने बस स्टैंड से पुराना किराया, नए से नया
फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड से बसों का निर्धारित पुराना किराया ही सवारियों से लिया जा रहा था। वहीं नए बस स्टैंड से जो नया किराया निर्धारित किया गया है, वह सवारियों से लिया जा रहा है। किराए को लेकर रोडवेज विभाग के अधिकारी गफलत में दिखाई दिए और बताया कि नए किराये का शेड्यूल बनाया जा रहा है।
लोकल रूटों के यात्री करते रहे बसों का इंतजार
पुराने बस स्टैंड पर हांसपुर, नागपुर, रतिया व भिरडाना जाने वाले यात्रियों का जमघट लगा हुआ था। वह बसों के इंतजार में बस स्टैंड के बाहर खड़े दिखाई दिए।
कोट
नए बस स्टैंड व पुराने बस स्टैंड से सवारियों को ले जाने व लाने के लिए सामंजस्य बैठाया जा रहा है। किराया निर्धारण करने के लिए मीटिंग चल रही है। दो चार दिन में दोनों बस स्टैंड की व्यवस्था को सही कर दिया जाएगा।
-शेर सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज फतेहाबाद।
कोट
प्रदेश का सबसे बड़ा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड फतेहाबाद के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मगर शहर की वर्तमान आबादी से दूरी को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हमने पत्र भेजा था। सरकार ने जनहित की मांग मानते हुए पुराने बस स्टैंड से भी सवारियां ले जाने का आदेश जारी कर दिया है।
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-प्रवीन जोड़ा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा
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