फतेहाबाद। लंबे समय के बाद जिलाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की राय जानने पहुंचे पर्यवेक्षकों के समक्ष फिर से गुटबाजी हावी रही। इस बार कुमारी सैलजा के समर्थकों का गुट हावी रहा। सैलजा समर्थकों ने लगातार नारेबाजी की। कुछ देर के लिए गहमागहमी के बीच सैलजा समर्थकों ने धक्काशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। हालांकि, पहले से ही निर्देश होने के चलते पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों ने नारेबाजी की बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पर जोर दिया।दरअसल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद को लेकर कार्यकर्ताओं के विचार जानने के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षक कुलजीत सिंह, उनके साथ विधायक जयवीर वाल्मीकि और विधायक प्रदीप चौधरी सुबह 11 बजे पुराना रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां आते ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से बातचीत में कहा कि जिलाध्यक्ष पद के लिए राय ली जाएगी। एक-एक करके या फिर समूह में आकर कार्यकर्ता अपनी राय दे सकेंगे।
पर्यवेक्षकों ने विधानसभा अनुसार राय जाननी शुरू की। सबसे पहले टोहाना, फिर रतिया और आखिर में फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। इस कारण फतेहाबाद विधानसभा से जुड़े कार्यकर्ताओं व नेताओं को काफी इंतजार भी करना पड़ा। टोहाना विधानसभा क्षेत्र से समर्थकों के साथ आए जयपाल सिंह लाली ने पर्यवेक्षकों के समक्ष कहा कि सिरसा लोकसभा क्षेत्र कुमारी सैलजा व उनके पिता स्व. दलबीर सिंह का परिवार जैसा है। स्व. दलबीर सिंह चार बार और कुमारी सैलजा यहां से दो बार सांसद बनी हैं। इसलिए सिरसा व फतेहाबाद में जिलाध्यक्ष उनके समर्थकों को बनाया जाए। हर फैसले में कुमारी सैलजा की सहमति ली जाए ताकि पार्टी को लाभ मिल सके। टोहाना से पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, उनके भाई पूर्व जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह, हरपाल बुडानिया, रमेश डांगरा सहित कई नेताओं ने अपनी राय दी।
फतेहाबाद विधानसभा के इन नेताओं ने दी राय
फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, उनके बेटे आनंदवीर गिल्लाखेैड़ा, राष्ट्रीय सचिव डॉ. विनीत पूनिया के समर्थकों, पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया, हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए डॉ. वीरेंद्र सिवाच व उनके समर्थकों ने अपनी-अपनी राय पर्यवेक्षकों के समक्ष रखी। प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिये पार्टी जिलाध्यक्ष चुन रही है, यह अच्छी बात है।
रतिया के नेता ने दी सलाह, प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को बदलना चाहिए
रतिया विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक जरनैल सिंह, बलदेव सिंह मेहमदकी, मंगत लालवास, सुरेंद्र बरतिया, देवराज हड़ौली आदि नेताओं व उनके समर्थकों ने अपनी राय दी। रतिया के मंगत लालवास ने कहा कि जब कुमारी सैलजा प्रदेशाध्यक्ष थी, उस समय यहां हर महीने दो कार्यक्रम होते थे। मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के साथ बाप-बेटे के अलावा कोई तीसरा आदमी नहीं है। इसलिए उदयभान को भी अध्यक्ष बदलना चाहिए।
हुड्डा पिता-पुत्र की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही
टोहाना से आए पार्षद रामकुमार सैनी ने कहा कि कुछ लोगों ने यहां राजनीति करने का निम्न स्तर बनाया हुआ है। कुछ नेता अपना-अपना कोटा बताकर 10-10 सीटें ले तो लेते हैं, लेकिन जीत कर कोई नहीं आता है। हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ लोग जुड़े रहे हैं, उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है। अनेक नेता इन दोनों के नेतृत्व में कांग्रेस ज्वाइन कर रहे हैं। मगर कुछ नेता माहौल को खराब कर रहे हैं। पिछली बार भी कांग्रेस सरकार बन रही थी, लेकिन कुछ नेताओं ने गड़बड़ कर दी।
कोट
हमने तीनों विधानसभा के कार्यकर्ताओं की अलग-अलग राय ली है। 11 सितंबर को चंडीगढ़ में यहां की रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी।
- जयवीर वाल्मीकि, पर्यवेक्षक, कांग्रेस