फतेहाबाद। खनौरी में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान शुभकरण की अस्थि कलश यात्रा सोमवार को जिले के कई गांवों में पहुंची। अस्थि यात्रा को लेकर किसान नेता सभी गांवों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के बारे में ग्रामीणों को अवगत करवाया। यह अस्थि कलश यात्रा जिस भी गांव में पहुंची, वहां पर लोगों ने दिवंगत शुभकरण को श्रद्धांजलि दी। यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता राम जाट ने बताया कि 20 मार्च को दिवंगत शुभकरण की अस्थियों को गांव रोझांवाली से गुजर रही भाखड़ा नहर में विसर्जित किया जाएगा।
फतेहाबाद में सोमवार को दिवंगत किसान शुभकरण की अस्थि कलश यात्रा को लेकर भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के सदस्य गांव-गांव लेकर पहुंचे। यह अस्थि कलश यात्रा गांव अहरवां, ढाणी चाणचक, पालसर, गुरुसर, सहनाल, हमजापुर, ढाणी सुंदर नगर, फुलां, जांडवाला सोतर, तामसपुरा, ढाणी बीजा लांबा, रत्ताखेड़ा, भरपूर, कमाना, निकुआना, भानीखेड़ा, महमड़ा, बबनपुर, ब्राह्मणवाला, लठेरा, नंगल, रोझांवाली, पिलछियां, मलवाला, अजीत नगर, खुंबर, नागपुर, चनकोठी, मानकपुर, हांसपुर, भड़ोलांवाली, ढाणी छतरियां, ढाणी ढाका, मुसेअली से होते हुए वापिस गांव अयाल्की में चल रहे धरनास्थल पर पहुंची।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष जरनैल सिंह मलवाला ने बताया कि छोटी सी उम्र में अपने हकों की लड़ाई के लिए दिवंगत किसान शुभकरण ने अपनी शहादत दी है। वह अन्य किसानों की तरह अपने अपने हक मानने के लिए खनौरी बॉर्डर पर गया था और उसको पुलिस ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि शुभकरण की इस शहादत से सभी किसानों का खून खौल चुका है और अब सरकार को उसकी औकात बताने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर कानूनी गारंटी सरकार इसलिए नहीं देना चाहती, क्योंकि वह किसानों को पूंजीपतियों के हाथों में लूटवाने को तैयार है। सरकार चाहती है कि किसान कभी न उभरे, बल्कि पूंजीपति किसानों को लूट सकें, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।