कॉमनवेल्थ गेम्स में पेनल्टी शूट आउट में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय महिला हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने वाली महिला हॉकी टीम की कप्तान सविता पूनिया बुधवार शाम को फतेहाबाद पहुंचीं। जिंदगी संस्था की ओर से उनका जाट धर्मशाला में अभिनंदन किया गया। इस दौरान महिलाओं व छोटी बच्चियों ने उनको फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में सविता पूनिया ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ कांस्य पदक के लिए चल रहे मैच में उनको लग रहा था कि पेनल्टी शूट आउट हो सकता है और हुआ भी ऐसा ही। दोनों ही टीमों ने एक-एक गोल किए थे। इस पूरे मैच में बतौर कप्तान व टीम की गोलकीपर होने के नाते वह पूरी उधेड़बुन में रही। पूरी टीम भी नर्वस दिखाई दे रही थी, लेकिन पिछले चार-पांच साल से टीम ने कोच के साथ पेनल्टी शूट आउट पर काफी काम किया था, इसलिए मेरे मन में यही था कि मैच को किसी भी कीमत पर हाथ से नहीं जाने देना है।
माता-पिता अब बच्चों को खेलों में भेजने लगे
कॉमनवेल्थ में हरियाणा के खिलाड़ियों के दबदबे पर सविता पूनिया ने कहा कि माता-पिता अब बच्चों को स्पोर्ट्स में भेजने लगे हैं। सरकार भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है। यही कारण है कि हरियाणवी एथलीट पूरी मेहनत अपने खेल पर कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अभी उनको तीन सप्ताह का आराम मिला है। इसके बाद उनका कैंप लगेगा और दिसंबर में उनके मैच होने हैं। इसके बाद उनका पूरा फोकस अगले साल होने वाली एशियन गेम्स पर रहेगा। इस मौके पर जिंदगी संस्था के प्रधान हरदीप सिंह, मुकेश कुमार, सुरेंद्र नायक, प्रवीन सोनी सहित कई लोग मौजूद रहे।