फतेहाबाद। फतेहाबाद के नशा मुक्ति केंद्र में नशे के आदी मरीजों की ओपीडी बढ़ने लगी है। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में अब प्रतिदिन 150 के करीब ओपीडी केवल नशे व मनोरोगियों की हो रही है। नागरिक अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र में ही ओएसटी (ओपिऑयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी) सेंटर खोला गया है और यहां पर मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र के ओएसटी सेंटर में मरीज की काउंसिलिंग और दवा के जरिये नशा छुड़वाया जा रहा है। पहले नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना 70 से 80 मरीजों की ओपीडी आ रही थी और 10 से 15 मरीज दाखिल हो रहे थे। अब इनकी संख्या कम होकर तीन रह गई है। फिलहाल नशा मुक्ति केंद्र के चिकित्सक डॉ. गिरीश कोरोना संक्रमित हैं और वह होम आइसोलेट हैं। नशा मुक्ति केंद्र में जहां नशे से ग्रस्त मरीजों की काउंसलिंग हो रही है, वहीं जो मरीज नशे के अधिक आदी हैं, उनको दाखिल भी कर लिया जाता है। ओएसटी सेंटर में नशा छोड़ने वाले मरीजों की जांच के साथ-साथ काउंसिलिंग की जाती है। नशे की लत को खत्म करने के लिए मरीजों को डॉक्टर व स्टाफ अपनी निगरानी में दवा दी जा रही है। दवा से मरीज को नशे की लत नहीं होगी। धीरे-धीरे मरीज के दवा की डोज कम करके उसे नशे की लत को खत्म किया जाएगा। जो गोली दी जाएगी वह नशे की लत को खत्म करेगी।
चार सालों में दाखिल मरीजों की स्थिति
वर्ष ओपीडी मरीज
2020-21 3279 18
2021-22 1473 193
2022-23 2635 379
2023-24 1095 03
पुलिस ने भी गांव ले रखे हैं गोद
पुलिस विभाग ने नशा मुक्त करने के लिए अयाल्की, हिजरावां कलां, भरपूर, रत्ताखेड़ा, लाली, नकटा, पिलछियां, रत्तनगढ़, ब्राह्मणवाला, महमड़ा, खुनन, हिजरावां खुर्द, अहलीसदर, किरढ़ान, दरियापुर, फूलां गांव को गोद लिया था। इनमें गांव भरपूर और अयाल्की को पुलिस नशा मुक्त गांव घोषित किया जा चुका है।
कोट
नशा मुक्ति केंद्र में ओएसटी सेंटर भी खुला हुआ है। इनडोर व आऊटडोर नशे के आदी जितने मरीज आते हैं, उनकी काउंसिलिंग की जाती है और अगर जरूरत हो तो मरीजों को दाखिल भी किया जाता है। नशा मुक्ति केंद्र में पूरा स्टाफ मरीजों की देखभाल करता है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन, फतेहाबाद