फतेहाबाद। बाजार में बिक रहे कोल्ड ड्रिंक और मसाले आपकी सेहत को खराब कर सकते हैं। जिले में लिए गए कोल्ड ड्रिंक और मसालों के सैंपल अनसेफ मिले हैं। बाजार में जो दूध, घी, सरसों का तेल, रिफाइंड और मसाले बिक रहे हैं वे मिलावट करके बेचे जा रहे हैं। खाद्य और औषधि विभाग की रिपोर्ट में ये सामने आया है।
खाद्य एवं प्रशासन औषधि विभाग ने अप्रैल 2022 से लेकर मार्च 2023 तक 206 सैंपल लिए। इसमें 181 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। इसमें 99 सैंपल पास मिले है और 82 सैंपल फेल पाए गए। इस साल अप्रैल और मई माह में मात्र 15 सैंपल लिए गए। लैब से 21 सैंपलों की रिपोर्ट आई है और इसमें 9 सैंपल फेल मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दूध-दही, पनीर भी स्टैंडर्ड के हिसाब से नहीं बेचे जा रहे हैं।
विभाग ने वर्ष 2022-2023 और इस साल दो माह में तक जो खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए हैं उनकी रिपोर्ट भी अच्छी नहीं है। 45 फीसदी से ज्यादा सैंपल फेल मिले हैं। यहां तक 9 सैंपल अनसेफ हैं। संवाद
वर्ष 2022-23 में लिए गए सैंपल और रिपोर्ट की स्थिति
खाद्य पदार्थों के कुल सैंपल लिए गए - 206
लैब से रिपोर्ट आई - 181
सैंपल पास मिले - 99
सैंपल फेल मिले - 82
अनसेफ मिले - 6
सब स्टैंडर्ड - 27
मिस ब्रांड मिले - 49
सीजेएम कोर्ट में भेजे गए मामले - 5
एडीसी कोर्ट में भेजे गए मामले - 83
इस साल दो माह में लिए गए सैंपल
अप्रैल और मई माह में लिए गए सैंपल - 15
लैब से खाद्य पदार्थों की आई रिपोर्ट : 21
पास मिले - 12
फेल मिले - 9
अनसेफ मिले - 3
सब स्टैंडर्ड मिले - 6
एक एफएसओ के जिम्मे सिरसा से रोहतक तक के जिले, कैसे होगी सैंपलिंग :
खाद्य सुरक्षा अधिकारी स्थायी न होने के चलते जिले में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग ही नहीं पा रही है ताकि मिलावट पर रोक लगाई जा सके। जिले का कार्यभार खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. भंवर सिंह के पास है। इन्हीं के पास ही रोहतक, हिसार और सिरसा जिले का भी कार्यभार है।
सबसे ज्यादा सैंपल मिस ब्रांड मिले
विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक खाद्य पदार्थों के 9 सैंपल 14 माह में अनसेफ मिले हैं। विभाग ने कई दुकानों से मसालों के सैंपल लिए थे, इसमें कुछ मसालों के सैंपल अनसेफ मिले हैं। इसके अलावा तीन कोल्ड ड्रिंक के सैंपल भी अनसेफ मिले हैं। यानि खाने लायक नहीं है। इसके अलावा 33 सैंपल सब स्टैंडर्ड और 49 सैंपल मिस ब्रांड मिले हैं। मिस ब्रांड यानि बिना लाइसेंस के बिक रहा था। सब स्टैंडर्ड यानि की नियम के मुताबिक गुणवत्ता नहीं मिली।
59 केसों में मिलावटखोरों को लग चुका है 5.76 लाख का जुर्माना
विभाग द्वारा फेल मिले सैंपलों के मामले कोर्ट में भेजे गए हैं। विभाग ने पांच मामले सीजीएम कोर्ट में भेजे हैं। एडीसी कोर्ट 59 मामलों में वर्ष 2022 से लेकर अब तक 5.76 लाख जुर्माना कर चुकी है।
दुकानदार खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रहे। रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं। लोगों से भी अपील है कि खाद्य पदार्थ जांच कर ही लें, अगर कोई कमी दिखती है तो विभाग को जरूर शिकायत करें। सामाजिक संस्थाओं को भी खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करना चाहिए।
- डॉ. भंवर सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी