फतेहाबाद। गलत दिनचर्या के कारण 30 से अधिक आयु के 6.5 फीसदी लोग उच्च रक्तचाप का शिकार हो रहे हैं। इनका ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो रहा है जो कि स्वास्थ्य पर गलत असर डाल रहा है। उच्च रक्तचाप के कारण अंधापन, हृदयघात, गुर्दे की बीमारियां व लकवा होने का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों को जागरूक करने और उनके समय रहते जांच को लेकर जिले में तीन साल पहले एनसीडी क्लीनिक की शुरूआत हुई। एनसीडी क्लीनिक में में अब तक 2 लाख 12 हजार 957 लोगों की जांच की जा चुकी है। जिसमें 30 प्लस उम्र के 14048 लोग उच्च रक्तचाप के शिकार मिले हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 13953 लोगों का उपचार चल रहा है।
महिलाएं भी उच्च रक्तचाप का शिकार हो रही हैं। फतेहाबाद के एनसीडी क्लीनिक में पिछले माह 1250 लोगों का बीपी जांचा गया। इस दौरान उच्च रक्तचाप से ग्रस्त 32 पुरुष और 28 महिलाएं मिली। इसके अलावा डायबिटीज और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त 11 पुरुष और 13 महिलाएं मिलीं। विभाग द्वारा इनका उपचार शुरू किया गया है। नागरिक अस्पताल के एनसीडी क्लीनिक में विशेषज्ञ डॉ. सुनीता सोखी का कहना है कि उच्च रक्तचाप यानि बीपी का मुख्य कारण अत्याधिक वजन होना है। इसके अलावा रक्त में नमक, वसा और चीनी की अधिकता होना भी कारण है। शारीरिक गतिविधियों कम होना भी बीपी बढ़ने के कारण है। तनाव, दबाव व चिंता भी कारण बन रहा है। इसको लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और जांच करवानी चाहिए।
लक्षण
सिर में दर्द व बेचैनी होना, छाती में दर्द होना, बाएं कंधे, बाजू व कमर में दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ होना, बीमार या उल्टी जैसा महसूस होना, ठंडा पसीना आना व शरीर पीला पड़ना।
अनियंत्रित रक्तचाप के दुष्परिणाम
-अंधापन, हृदयघात, गुर्दे की बीमारियां, लकवा।
कोट
30 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को समय-समय पर बीपी और शुगर की जांच करवानी चाहिए। उच्च रक्तचाप होने का मुख्य कारण गलत लाइफ स्टाइल होना है। व्यायाम जरूर करें और संतुलित आहार लें। खाने में नमक की मात्रा कम रखें। शराब व तंबाकू के सेवन से बचें। बच्चों को फास्ट फूड के सेवन से बचाएं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ