फतेहाबाद के हुडा सेक्टर में पानी के सैंपल लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी
फतेहाबाद। जिले के बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए वाटर कूलरों का पानी पीने योग्य है कि नहीं या फिर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सैंपल लेकर जांच करेगा। वाटर कूलरों से पानी के बीटी और ओटी सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल लेने के लिए रोडवेज महाप्रबंधक ने खुद स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। ये भी कहा गया है कि पानी के प्रमाणपत्र भी जारी किए जाए।
रोडवेज महाप्रबंधक द्वारा स्वास्थ्य विभाग को लिखे गए पत्र के मुताबिक बस स्टैंड फतेहाबाद, भूना, भट्टू, कुलां, रतिया, टोहाना व जाखल में यात्रियों की सुविधा के लिए वाटर कूलर लगे हुए हैं। यहां लगे वाटर कूलरों में पानी की गुणवत्ता की जांच की जाए कि ये पीने लायक है या नहीं या हानिकारक है। जांच के बाद प्रमाणपत्र भी जारी किया जाए।
इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को फतेहाबाद के बस स्टैंड से पानी के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा हुडा सेक्टर तीन में होने वाली पेयजल आपूर्ति के भी सैंपल लिए गए हैं।
दूषित पानी से बढ़ रहीं बीमारियां
नागरिक अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मुंजाल का कहना है कि दूषित पानी के कारण बच्चे डायरिया के शिकार हो रहे हैं। बच्चों को उल्टी-दस्त लग रहे हैं। ऐसे में बच्चों को पानी उबालकर ठंडा करके ही पिलाएं। दूषित पानी के कारण डायरिया होने का खतरा बढ़ जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर पानी के सैंपल विभाग द्वारा लिए जाते हैं। अगर किसी क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी जाती है।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ