बिगड़े मौसम ने धरतीपुत्रों की चिंता बढ़ा दी हैं। कुलां देहात क्षेत्र में बारिश व तेज हवाओं के चलते कई एकड़ फसल प्रभावित हो गई है। तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बिछा दिया है। मार्च की इस बारिश से शहरों में भले ही लोगों को राहत मिली हो, जबकि किसानों के लिए ये बारिश आफत बनकर बरस रही है। शनिवार को तेज हवा व बारिश के चलते क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल क्षतिग्रस्त हुईं है।
किसान को सरकार द्वारा मुआवजा दिए जाने का प्रावधान
कृषि अधिकारियों द्वारा भी इस बारिश ने किसानों को नुकसान होने की बात स्वीकार की हैं, हालांकि अभी तक नुकसान का वास्तविक आकलन नहीं हो पाया है लेकिन कृषि उपमंडल अधिकारी मुकेश महला ने गेहूं फसल में 10 से 15 फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया बताया गया है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा यदि गेहूं का उत्पादन कम होता है तो संबंधित किसान को सरकार द्वारा मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो तेज बारिश व आंधी जैसी स्थिति में गेहूं की अगेती और पछेती दोनों ही फसलों में भारी नुकसान की संभावना बन जाती है। अगेती फसलें लगभग पककर तैयार हो जाती हैं। इन दौरान गेहूं की फसल का तना हल्का और बालियां भारी हो जाती हैं। तेज हवा चलने पर खेतों में बिछ जाते हैं। इससे दानों का वजन कम हो जाता है। उनकी मानें तो यदि कुछ दिन और मौसम का यही हाल रहा तो गेहूं उत्पादन के साथ-साथ चारा उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ेगा।