फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: ओलावृष्टि से किसानों के सपने हुए चूर-चूर, बेमौसम बारिश से गिरी खेतों में खड़ी गेहूं की फसल

Mon, 27 Mar 2023 11:27 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

बिगड़े मौसम ने धरतीपुत्रों की चिंता बढ़ा दी हैं। हरियाणा के देहात क्षेत्र में बारिश व तेज हवाओं के चलते कई एकड़ फसल प्रभावित हो गई है। तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बिछा दिया है।
विज्ञापन
बारिश के साथ जमकर गिरे ओले। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब बॉर्डर के साथ लगते उपमंडल रतिया के कई गांवों के बीते दिन आफत भरी बारिश और ओलावृष्टि की कुदरती मार की चपेट में आने से फसलें शत- प्रतिशत तबाह हो गई हैं। यह जानकारी भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ हरियाणा के प्रधान जरनैल सिंह मल्लवाला एवं जिला प्रधान राजविंदर सिंह चहल ने गांव लधूवास और पिलछियां आदि गांवों का दौरा करने के बाद दी।

विज्ञापन


खेती बचाओ के सदस्यों ने लधूवास और पिलछियां गांवों का किया दौरा
उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा पूरे खर्चे करके बेटे की तरह पाली हुई बिल्कुल पक कर तैयार खड़ी फसलें केवल नष्ट ही नहीं हुई बल्कि किसान की कर्जमुक्त होने की चाह, बेटी की शादी का सपना और बेटे को अच्छी शिक्षा दिलवाने की योजनाएं भी धरी की धरी गई। गांव लधुवास के सरपंच सुखजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि लगभग दो किलोमीटर की चौड़ाई में 200 ग्राम भारी ओलों की भयंकर बारिश ने बरसीम, गेहूं और सरसों की फसलों में तबाही मचा दी। 

यह भी पढ़ें- Sonipat: युवक का फोटो लगा बनाया व्हाट्सएप अकाउंट, संदेश भेजकर दो दोस्तों से खाते में डलवाए 45 हजार रुपये  
विज्ञापन


तुरंत प्रभाव से नुकसान की भरपाई करवाई जाए- किसान
ठेके पर जमीन लेकर बुआई करने वाले किसान तो भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। भाकियू खेती बचाओ हरियाणा प्रशासन से पुरजोर अपील करती है कि बर्बाद हुई फसलों की ईमानदारी से विशेष गिरदावरी करवा करके उनकी तुरंत प्रभाव से नुकसान की भरपाई करवाई जाए, ताकि प्रभावित किसान कम से कम फसलों पर किए गए भारी खर्च के बोझ के तले तो न आएं। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बिशन दास, पूर्व सरपंच जुगराज सिंह, गुरविंदर सिंह, राम सिंह ढिल्लो एवं तेजिन्द्र सिंह औजला सहित गांव के किसान मौजूद थे।

विज्ञापन

कृषि अधिकारियों मुताबिक बारिश से फसल में 10 से 15 फीसदी हुआ नुकसान

बिगड़े मौसम ने धरतीपुत्रों की चिंता बढ़ा दी हैं। कुलां देहात क्षेत्र में बारिश व तेज हवाओं के चलते कई एकड़ फसल प्रभावित हो गई है। तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बिछा दिया है। मार्च की इस बारिश से शहरों में भले ही लोगों को राहत मिली हो, जबकि किसानों के लिए ये बारिश आफत बनकर बरस रही है। शनिवार को तेज हवा व बारिश के चलते क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल क्षतिग्रस्त हुईं है।

किसान को सरकार द्वारा मुआवजा दिए जाने का प्रावधान
कृषि अधिकारियों द्वारा भी इस बारिश ने किसानों को नुकसान होने की बात स्वीकार की हैं, हालांकि अभी तक नुकसान का वास्तविक आकलन नहीं हो पाया है लेकिन कृषि उपमंडल अधिकारी मुकेश महला ने गेहूं फसल में 10 से 15 फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया बताया गया है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा यदि गेहूं का उत्पादन कम होता है तो संबंधित किसान को सरकार द्वारा मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।

कृषि विशेषज्ञों की मानें तो तेज बारिश व आंधी जैसी स्थिति में गेहूं की अगेती और पछेती दोनों ही फसलों में भारी नुकसान की संभावना बन जाती है। अगेती फसलें लगभग पककर तैयार हो जाती हैं। इन दौरान गेहूं की फसल का तना हल्का और बालियां भारी हो जाती हैं। तेज हवा चलने पर खेतों में बिछ जाते हैं। इससे दानों का वजन कम हो जाता है। उनकी मानें तो यदि कुछ दिन और मौसम का यही हाल रहा तो गेहूं उत्पादन के साथ-साथ चारा उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ेगा।



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें