फतेहाबाद। जिले में कभी अधिक तो कभी कम बारिश किसानों को प्रभावित कर रही है। जिले में पिछले दो सालों में बारिश औसत से भी कम हुई है। आंकड़ों के अनुसार जिले की औसत बारिश 339 एमएम है। मगर पिछले दो सालों में जिले में औसतन बारिश से आधी बारिश हो रही है। इसके चलते जिले में एक बार फिर कम बारिश होने से किसानों कि चिंता बढ़ गई है।
इस साल अभी तक जिले में औसत बारिश सिर्फ 117 एमएम हुई है। वहीं, पिछले साल 2023 में जिले में 30 जुलाई तक औसत बारिश 110 एमएम दर्ज हुई थी। इस कारण जिले में फसल उत्पादन कम हुआ था। मौसम विभाग के आंकड़े के अनुसार, इस वर्ष जिले में पिछले साल के मुकाबले 7 एमएम अधिक बारिश हुई है। इस कारण से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। पर्यावरण प्रेमी भी कम बारिश के कारण भविष्य में आने वाले जल संकट को लेकर चिंतित हैं। अगर बारिश की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो किसानों को आने वाले महीनों में जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
साल 2021 हुई थी 1722 एमएम बारिश
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष जिले में फतेहाबाद में 148 एमएम, भूना 195 एमएम , रतिया 145 एमएम, टोहाना 94 एमएम, जाखल 112 एमएम और कुलां में 80 एमएम बारिश दर्ज हुई है। इनका औसत 117 एमएम बनता है। मगर साल 2021 में जिले का यहीं आंकड़ा 1722 एमएम था।
इस बार भी फिका ही रहा मानसून
इस वर्ष जिले में मानसून का रुख कुछ अलग ही दिख रहा है। पिछले दो सालों में जिले में औसतन बारिश से कमी में दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ सकता है और शहर को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सभी की निगाहें आने वाले दिनों में होने वाली बारिश पर टिकी हैं, जो इस संकट को कम कर सकती है।
कोट
पिछले साल पंजाब क्षेत्र में घग्गर के तटबंध टूटने के कारण बाढ़ जरूर आई थी, लेकिन बारिश औसत से कम ही रही थी। इस बार भी औसत से बेहद कम बारिश हुई है। कम बारिश होने से फसलें तो प्रभावित होती ही हैं। अभी फसलों के लिए बारिश की बेहद जरूरत है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
कोट
फतेहाबाद जिले में बुधवार से लेकर 2 अगस्त तक जोरदार बारिश होने की संभावना है। इसके बाद जिले में बारिश की कमी नहीं रहेगी। वहीं, बारिश की कमी के कारण मुरझा रहीं फसलों को भी फायदा मिलेगा।
-सुरेंद्र पाल, निदेशक, मौसम विभाग, हरियाणा