आढ़तियों व किसानों पर पुलिस प्रशासन द्वारा मुकदमे दर्ज करने के विरोध में शुक्रवार को अनाज मंडी के सभी गेट बंद रहे। इस दौरान आढ़तियों ने व्यापार मंडल कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू के नेतृत्व में सभी आढ़ती हड़ताल पर रहे। इस दौरान किसी भी फसल की बोली नहीं हुई। धरने को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू ने कहा कि सरकार किसानों व आढ़तियों की आवाज दबाने के लिए उन पर मुकदमे दर्ज कर रही है। आढ़ती इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार ने किसानों व आढ़तियों के हितों की अनदेखी कर तीन कृषि कानून लागू कर दिए। अब किसान विरोध कर रहे हैं तो सरकार लाठी से उनकी आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मुकदमे रद्द नहीं किए तो इस सांकेतिक हड़ताल के बाद आढ़ती बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। इस मौके पर लायर्स एसोसिएशन के प्रधान देवीलाल एडवोकेट ने कहा कि किसान कड़ी ठंड में सड़कों पर अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है और देश की सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। नागरिक अधिकार मंच के मोहन लाल नारंग ने कहा कि आढ़ती व किसान अपने जायज हक मांग रहे हैं। इस धरने को बागराम, संतलाल मेहता, सुभाष खुराना, हेमंत बत्तरा, कृष्ण सचदेवा, ज्ञानचंद उतरेजा, चरणजीत बजाज, हरमीत ग्रोवर, सुभाष मुंजाल, लेबर यूनियन के प्रधान मोहन लाल, जगदीश नैन, विजय कक्कड़, रवि मोंगा, देवराज मुंजाल सहित कई आढ़ती मौजूद रहे।