रतिया। गांव भरपूर के खेल स्टेडियम में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। इसमें रविवार को चौथे दिन महामंडलेश्वर बजरंग दास महाराज ने प्रवचन किए।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में लिखे मंत्र और श्लोक केवल भगवान की आराधना और उनके चरित्र का वर्णन ही नहीं है। श्रीमद्भागवत की कथा में वह सारे तत्व हैं, जिनके माध्यम से जीव अपना तो कल्याण कर ही सकता है। अपने से जुड़े हुए लोगों का भी कल्याण करवा सकता है। जीवन में व्यक्ति को अवश्य ही भागवत कथा सुननी चाहिए। बिना आमंत्रण के भी अगर कहीं भागवत कथा हो रही है तो वहां अवश्य जाना चाहिए। इससे जीव का कल्याण ही होता है।
महामंडलेश्वर ने कहा कि श्रीकृष्ण ऐसे देव हैं, जो भक्त के हृदय में बसते हैं। सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए विचरण करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हर एक माता-पिता को चाहिए कि अपने साथ बच्चों को भी भागवत कथा, सत्संग, कीर्तन में जरूर लेकर जाएं क्योंकि धर्म की कथा सुनने से बच्चों में संस्कार आते हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। जिस घर में गाय होती है, वहां ईश्वर की विशेष कृपा बरसती है। गोमाता से हमारा जन्म-जन्म का नाता है। हमें गोमाता का भी सम्मान करना चाहिए। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि दिनेश भारती, रताखेड़ा के सरपंच अरविंद सिहाग, रमेश पूनिया, राकेश बजाज, विनोद डूडी, कृष्ण पूनिया, बंसी डूडी, दीवान सिंह, राजू डूडी आदि मौजूद रहे।