फतेहाबाद। पाले के कारण खराब हुई रबी की फसल की गिरदावरी का कार्य तो राजस्व विभाग ने पूरा कर लिया है, लेकिन अभी तक इसका डाटा अपलोड नहीं हो पाया है, जिस कारण सरकार को नुकसान का रिकॉर्ड भेजने में देरी हो रही है। बताया गया है कि इस बार पटवारियों को इस स्पेशल गिरदावरी के लिए टैबलेट दिए गए, लेकिन डाटा वेब हेलरिस पोर्टल पर डालने में देरी हो गई है। प्रदेश के कई जिलों में तो एक मार्च को ही डाटा अपलोड हो चुका है, लेकिन फतेहाबाद में अभी तक मात्र 40 फीसदी कार्य ही पूरा हो पाया है। राजस्व विभाग के अनुसार, अभी इस काम में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।
जनवरी माह में पड़े पाले की वजह से जिले में सरसों, गेहूं व चना की फसलों को नुकसान हुआ था। सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल को हुआ। सबसे अधिक नुकसान सरसों की अगेती व बरानी क्षेत्र की सरसों को हुआ था। उस समय सरसों की फसल में दाना बनने लगा था, लेकिन पाला जमने के कारण सरसों का दाना सिकुड़ने लगा था। पाले से हुई रबी की फसल के नुकसान को देखते हुए सरकार ने एक फरवरी से एक मार्च तक रबी की फसलों को पाले से नुकसान के लिए स्पेशल गिरदावरी के आदेश दिए थे।
पटवारियों को दिए थे गिरदावरी के लिए टैबलेट
पटवारियों को इस बार सरकार की ओर से गिरदावरी के लिए टैबलेट दिए गए थे, ताकि समय पर फसलों के नुकसान की गिरदावरी हो सके। पटवारियों ने एक मार्च तक गिरदावरी का काम पूरा करने के बाद टैबलेट विभाग को सौंप दिए हैं, लेकिन विभाग के पोर्टल वेब हेलरिस पर इसका डाटा अभी तक अपलोड नहीं हो पाया है। फतेहाबाद में डाटा अपलोड का कार्य केवल 40 फीसदी तक ही हो पाया है।
पटवारियों ने रबी की फसल की गिरदावरी कर ली है, लेकिन रिकॉर्ड अभी तक अपलोड नहीं हुआ है। अभी इसमें करीब एक सप्ताह का समय लगेगा और इसके बाद रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेज दिया जाएगा।
हर्ष कुमार, जिला राजस्व अधिकारी।