फतेहाबाद। बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे और बीमा क्लेम सहित 21 सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को किसानों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर ट्रैक्टर अड़ा कर रास्ता बंद कर दिया। किसी भी प्रशासनिक अधिकारियों के सुध नहीं लेने पर किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रदर्शनकारी किसान लघु सचिवालय के दोनों गेटों के बाहर ट्रैक्टर अड़ा कर उन्हें बंद कर दिया और टेंट गाड़ कर धरने पर बैठ गए।शुक्रवार को सुबह 11 बजे पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्राॅलियों संग अनाज मंडी पहुंचे। यहां से लघु सचिवालय के लिए निकले तो जीटी रोड पर ट्रैक्टरों की लाइन लग गई। लघु सचिवालय के मेन गेट पर पहुंचकर किसानों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। किसानों ने लघु सचिवालय के मेन गेट पर ट्रैक्टर अड़ा दिए और रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया। किसानों ने यहां पर टेंट गाड़ कर पक्का मोर्चा लगा दिया। किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को लघु सचिवालय के पास हिसार को जाने वाली सड़क पर खड़ा कर दिया, जिससे बड़े वाहन यहां से नहीं निकल पाए और उनका रूट डायवर्ट करना पड़ा।
पहले ही दी थी प्रदर्शन की चेतावनी
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के संयोजक मनदीप नथवान ने बताया कि 21 सूत्री मांगों को लेकर सरकार के पास ज्ञापन भेजा था। मांगे पूरी नहीं होने पर 18 अगस्त को पक्का मोर्चा लगाने की चेतावनी दी थी। मगर, सरकार ने किसानों की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इसलिए अब शुक्रवार को ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ पक्का मोर्चा लगा दिया गया है। यह मोर्चा अब तभी उठेगा, जब किसानों को उनका हक मिल जाएगा।
बाढ़ से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा तुरंत दे सरकार
मनदीप नथवान ने बताया कि जिले में आई बाढ़ के कारण सैकड़ों ढाणियाें में घरों को नुकसान हुआ है। फसलें तबाह हो गई है और किसानों के ट्यूबवेल खराब हो गए हैं, लेकिन सरकार केवल पोर्टल-पोर्टल खेलने का काम कर रही है। सरकार ने ओलावृष्टि प्रभावित फसलों के लिए 15 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला। क्षेत्र में नशे के कारण चोरी की वारदात बढ़ रही हैं। हड़ोली के एक किसान का ट्रांसफार्मर चोरी होने पर तो निगम ने उससे 55 हजार रुपये नया ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए मांग लिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी अनेक मांगें हैं, जिन पर विचार नहीं किया जा रहा है।
दूसरे किसान संगठनों का पड़ाव भी जारी
इससे पहले, संयुक्त किसान मोर्चा ने भी लघु सचिवालय के बाहर बुधवार से ही पड़ाव डाला हुआ है। बाढ़ से बर्बाद फसलों, घर, ट्यूबवेलों, नरमा की 2020, 2021 और 2022 में रोग से नष्ट फसल, जलभराव से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की जा रही है। पड़ाव की अध्यक्षता खेती बचाओ किसान यूनियन से राम जाट व किसान सभा जिला प्रधान विष्णु दत्त ने की। संचालन संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक जगतार सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा संयुक्त किसान मोर्चा पड़ाव जारी रहेगा।
कोट
हमारी तरफ से मुआवजा दिलाने की जो प्रक्रिया है, वह तेजी से चल रही है। वेरिफिकेशन का काम लगातार हो रहा है। इस महीने के अंंत तक रिपोर्ट तैयार करके प्रदेश सरकार के पास भेज दी जाएगी।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद