फतेहाबाद। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए वीरवार को स्वास्थ्य विभाग ने जिला मलेरिया अधिकारी और अस्पतालों के सात वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को फील्ड में उतारा। अधिकारियों से डेंगू को लेकर किए जा रहे कार्यों और कमियों की समीक्षा रिपोर्ट मांगी गई थी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने निर्देश जारी किए थे। जिले में डेंगू के अब तक 48 केस मिल चुके हैं। जबकि पड़ोसी जिले हिसार और सिरसा में डेंगू के ज्यादा केस सामने आ चुके है। अधिकारियों ने फील्ड में और खासकर डेंगू के हॉट स्पॉट एरिया में जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों से फीडबैक भी लिया गया। अधिकारियों ने समीक्षा रिपोर्ट में बताया है कि गांवों फॉगिंग कम हो रही है और न के बराबर है। लारवा को लेकर लोग जागरूक नहीं है और घरों में लारवा मिल रहा है। घरों के बाहर पशुओं को पानी पिलाने के लिए कंटेनर रखे गए है उनमें सफाई नहीं मिली है और उसमें लारवा पनप रहा है। रविवार को ड्राई डे बनाने को लेकर भी लोग जागरूक नहीं है।
इन अधिकारियों ने किया निरीक्षण
भट्टूकलां में डॉ. सुजाता बंसल, जाखल में डॉ. राजेश क्रांति, टोहाना में डॉ. कुनाल, बड़ोपल में डॉ. अरूण, भूना में डाॅ. प्रणव, फतेहाबाद में डॉ. गुंजन, रतिया में डॉ. नवजोत और भूथनकलां में डॉ. मुकेश ने टीमों को साथ लेकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 16 जगहों पर लारवा मिला है। टीमों ने 3116 जगहों पर निरीक्षण किया था।
जिले में डेंगू की ये है स्थिति
क्षेत्र डेंगू केस मिले
फतेहाबाद 10
टोहाना 12
रतिया 1
भूना 1
जाखल 6
भट्टूकलां 9
बड़ोपल 6
भूथनकलां 3
कोट
डेंगू-मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया। जिला मलेरिया अधिकारी व जिले के सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में खासकर डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फील्ड वर्कर द्वारा किये जा रहे कार्य की समीक्षा की है। गांवों व शहरी इलाकों में जाकर लोगों को हर रविवार को सूखा दिवस मनाने के लिए प्रेरित किया गया है। लोगों से अपील है कि घर के अंदर पानी सात दिन से अधिक किसी भी बर्तन इत्यादि में न रखें। पूरी बाजू के कपड़े पहने की भी हिदायत दी गई।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ