फतेहाबाद। गर्मी का मौसम परवान चढ़ने लगा है। खेतों में गेहूं कटाई का दौर भी शुरू होने वाला है। गेहूं की फसल में आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग ने तैयारी कर ली है। विभाग के पास स्टाफ की कमी है। फिर भी अधिकारियों का दावा है कि जितने कर्मचारी हैं, उनके जरिये बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी। आमजन को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
दरअसल फतेहाबाद दमकल विभाग के पास इस समय छह गाड़ियां मौजूद हैं। इनमें एक छोटी गाड़ी व पांच बड़ी गाड़ियां शामिल हैं। इनमें से तीन गाड़ियां हाल ही में विभाग को मिली हैं। दमकल विभाग के बेड़े में गाड़ियों की कमी नहीं है लेकिन कर्मचारियों की कमी जरूर है। दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार हर एक गाड़ी में छह कर्मचारियों का होना जरूरी होता है। इनमें एक ड्राइवर व पांच फायरमैन शामिल होते हैं। आठ घंटे की एक शिफ्ट पर छह कर्मचारियों का होना अति आवश्यक है। फिलहाल दमकल विभाग के कर्मचारी आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में काम कर रहे हैं। ऐसे में विभाग के पास छह गाड़ियों पर तीन शिफ्टों के लिए 108 कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन विभाग के पास केवल 34 कर्मचारी ही इन तीन शिफ्टों के लिए हैं। इनमें से भी तीन कर्मचारी कौशल रोजगार योजना के तहत विभाग को मिले हैं।
गौरतलब है कि दमकल विभाग पहले स्थानीय निकाय विभाग के अधीन आता था। ऐसे में स्थानीय निकाय विभाग के पास ही दमकल विभाग के बिलों को पास करने की पावर थी। अब दमकल विभाग को राजस्व विभाग के अधीन कर दिया गया है और फायर ऑफिसर के पास डीडी पावर भी आ गई है।
गेहूं के सीजन में बदलेंगे शिफ्ट
फिलहाल दमकल विभाग के पास 34 कर्मचारी हैं, ऐसे में गेहूं के सीजन में विभाग ने आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए योजना बनाई है। विभाग एक अप्रैल से तीन शिफ्टों के बजाय कर्मचारियों की 12-12 घंटे की दो शिफ्ट करेगा, ताकि स्टाफ पूरा रहे और समय पर आगजनी पर काबू पाया जा सके।
किसान बरतें यह सावधानियां
दमकल विभाग ने गेहूं कटाई के सीजन के चलते एडवाइजारी भी जारी की है, जिसके तहत किसान खेतों में ट्रांसफार्मर के आस पास सफाई रखें। खेतों में बने होद में 24 घंटे पानी भरा रखें। वहीं रिपर या कंबाइन पर काम करते समय पानी की बाल्टी व रेत साथ में रखें।
गेहूं के सीजन में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए दमकल विभाग तैयार है। गर्मी में तापमान बढ़ने पर अक्सर आगजनी होती हैं। संकरी गलियों में जाने के लिए हमारे पास छोटी गाड़ियां हैं। पांच बड़ी गाड़ियां भी हैं। एक अप्रैल से कर्मचारियों की तीन शिफ्टों को घटाकर दो शिफ्ट की जाएगी।
जयनारायण, फायर ऑफिसर