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प्रशासनिक कार्रवाई में अड़चन डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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भूना। गांव गोरखपुर के खेतों में टूटी हुई अंडर ग्राउंड सिंचाई पाइप लाइन जोड़ने को लेकर बुधवार को प्रशासनिक कार्रवाई में अड़चन डालने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार रणबीर सिंह घानिया की शिकायत पर डीसी के आदेश की अवहेलना करने व सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा जेबीसी के आगे बैठकर विरोध करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है। मगर इसमें आरोपियों के नाम व संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है।
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पुलिस को दी शिकायत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट रणबीर धानिया ने बताया कि 20 जुलाई बुधवार को उपायुक्त के आदेशानुसार गांव गोरखपुर निवासी जगदीश व बलराज आदि की अंडरग्राउंड टूटी पाइप लाइन को जुड़वाने के लिए वह थाना अध्यक्ष कुलदीप सिंह की मौजूदगी में भारी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर गए थे। वहां पर कुछ व्यक्तियों ने झगड़ा करना शुरू कर दिया और जेसीबी मशीन के आगे कुछ व्यक्ति बैठ गए। इसलिए पाइपलाइन खुदाई के लिए जेबीसी मशीन को आगे नहीं बढ़ने दिया। जो हालात बिगड़ते देख एसएचओ भूना को मौखिक तौर पर आदेश दिए कि इन व्यक्तियों को मशीन के आगे से हटाओ। पुलिसकर्मियों ने जब जेबीसी मशीन के आगे बैठे लोगों को उठाने की कार्रवाई करने लगे तो वह अपनी जिद पर अड़े रहे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 147,149,186,188,353 आईपीसी के तहत अभियोग दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
बता दें कि गांव गोरखपुर में दो गुटों के बीच पिछले एक वर्ष से अंडरग्राउंड पाइप लाइन को लेकर विवाद चल रहा है। पाइपलाइन के मालिक टूटी हुई पाइपलाइन को जोड़कर दूर अपने खेतों में पानी ले जाने के लिए जहां प्रयास कर रहे हैं। वही रास्ते में खेतों के मालिक अंडरग्राउंड पाइप लाइन दबाने का विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले हरिकेश शर्मा, राजकुमार, सुनील आजाद सिंह सहित आदि लोगों ने बताया कि उनके खेतों में से करीब आठ लाइनें गुजर रही थी, जो बिल्कुल नकारा होने के कारण जगह-जगह से लीकेज थी। जिसके कारण उनकी फसलें बर्बाद हो रही थी। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले नकारा पाइपों को उन्होंने खेतों से ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। मगर अब राजनीतिक पहुंच के रसूखदार लोग जबरदस्ती उनके खेतों में से अंडरग्राउंड पाइप लाइन दबाने के लिए सरेआम धमका रहे हैं। किसान जगदीश आदि लोगों ने बताया कि पाइप लाइन को कुछ लोगों ने कई जगह से नष्ट कर दिया था। उसी के कारण उनके खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा और खाने के लायक दाने भी नहीं हो रहे हैं। जगदीश ने बताया कि कुछ लोग उन्हें बेवजह परेशान करके उनकी फसल को पानी से वंचित रख रहे हैं। मगर उन्होंने कानूनी तौर पर पाइप लाइन जोड़ने की गुहार लगाई थी। उन्होंने कभी भी किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं किया। लेकिन उपरोक्त लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी खेत में नहीं घुसने दिया। जबकि पाइपलाइन मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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कोट
गोरखपुर में खेतों में पाइप अंडरग्राउंड पाइप लाइन न जोड़ने देने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की शिकायत पर विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले में शामिल लोगों की तफ्तीश के बाद कानूनी कार्रवाई करेगी।
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-कुलदीप सिंह, थानाध्यक्ष भूना
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