कर्ण कोट टीले की जमीन की निशानदेही करती पुरातत्व विभाग की टीम।
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फतेहाबाद। भूना के गांव भट्टू के ऐतिहासिक कर्ण कोट टीले को पुरातत्व विभाग ने अपने संरक्षण में लेने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए पुरातत्व विभाग की टीम कानूनगो व पटवारी के साथ गांव में पहुंची और पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाली जमीन की निशानदेही की।
ज्ञात रहे कि फतेहाबाद के गांव भट्टू में पौराणिक महत्व के अनेक अवशेष मिल चुके हैं। यहां पर गुप्त काल से लेकर मुगलिया शासन तक के अवशेष मिल चुके हैं। अक्सर बारिश के दिनों में यहां पर कोई न कोई अवशेष मिलता रहता है। यहां पर मुगलिया काल की तलवार की मूठ, तोप के गोलों सहित महाभारतकालीन पत्थरों के अवशेष भी मिल चुके हैं। पौराणिक महत्व का सामान मिलने लगा तो पुरातत्व विभाग ने भी अब इस स्थान को अपने संरक्षण में लेने का काम आरंभ कर दिया।
पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची गांव
गांव भट्टू में दो दिन पहले पुरातत्व विभाग के ड्राफ्ट्समैन रमेश बंसल व पटवारी सोनू कानूनगो के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस टीले की जमीन की पैमाइश की। यहां पर करीब आठ एकड़ जमीन को पुरातत्व विभाग अपने संरक्षण में लेने जा रहा है। जमीन की निशानदेही कर ली गई है और अब यहां पर फेंसिंग का कार्य आरंभ किया जाएगा।
पुरातत्व विभाग ने कर्ण कोट टीले को अपने संरक्षण में लेने का काम आरंभ कर दिया गया है। विभाग की एक टीम को जमीन की पैमाइश के लिए भेजा गया था और अब यहां पर फेंसिंग का कार्य आरंभ किया जाएगा।
बुनानी भट्टाचार्य, डिप्टी डायरेक्टर, पुरातत्व विभाग, हरियाणा