फतेहाबाद। आम जन के लिए कुछ राहत की बात है। एफसीआई द्वारा खुले बाजार में गेहूं बेचने से आटे के दामों में कमी आई है। पिछले महीने की अपेक्षा मार्च की शुरुआत में ही आटे के दाम छह रुपये तक घट गए हैं। दरअसल, फरवरी में गेहूं के दामों में बढ़ोतरी के बाद आटे के दाम भी बढ़ गए। शहर में आटा कहीं 33 रुपये तो कहीं 35 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। फरवरी माह में जहां गेहूं के दाम 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए थे, अब ओपन मार्केट में यह 2350 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। आटे के दाम भी छह रुपये घटकर 27 रुपये पर आ गए हैं।
फतेहाबाद में इस साल पहली बार गेहूं के दामों में काफी बढ़ोतरी देखी गई थी। एक ही माह यानि फरवरी में गेहूं के दाम 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे। जिससे निम्न मध्यम वर्ग व मध्यम वर्ग में हाहाकार मच गया था। फतेहाबाद शहर में जनता को मार्केट मेंं आटा 33 से 35 रुपये किलोग्राम मिल रहा था। सरकार ने भी बढ़ते दामों पर रोक लगाने के लिए प्रयास आरंभ कर दिए थे। ऐसे में सरकार के आदेशों पर भारतीय खाद्य निगम ने भी खुले बाजार में बेचने का फैसला किया था और व्यापारियों को एफसीआई के पोर्टल ‘एमजंक्शन’ पर ऑनलाइन टेंडर भरने के लिए आवेदन मांगे थे।
भारतीय खाद्य निगम की ओर से महीने के हर बुधवार को गेहूं के टेंडर खोले जाते हैं। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक गेहूं की नई फसल मार्केट में नहीं आ जाती। अमूमन अप्रैल महीने में ही खेतों से निकलकर गेहूं मंडियों तक पहुंचता है, ऐसे में जब तक मंडियों में नया गेहूं नहीं आता, एफसीआई की ओर से हर बुधवार को गेहूं के टेंडर खोले जा रहे हैं। सात फरवरी को एफसीआई ने टेंडर खोलकर 16950 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री की थी। हालांकि एफसीआई की ओर से 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं के लिए टेंडर मांगे गए थे, लेकिन तीन व्यापारियों के टेंडर रद्द हो जाने के कारण तीन हजार 50 मीट्रिक टन गेहूं नहीं बिक पाया। इस बार 85 हजार मीट्रिक टन गेहूं खुले बाजार में बेचने के लिए हिसार मंडल की ओर से ऑफर की गई थी। संवाद
जिनका राशन कार्ड कट गया, उनको हुई ज्यादा दिक्कत
शहर के रवि कुमार, हरिओम, मानसिंह व शिवराम ने बताया कि पहले उनको राशन डिपो पर गेहूं तीन रुपये प्रति क्विंटल मिलता था। परिवार पहचान पत्र के बनने के बाद उनका राशन कार्ड काट दिया गया और फरवरी माह में उनको 33 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम आटा लेना पड़ा। अब आटे में छह रुपये की कमी आई है तो ठीक है, लेकिन आटे के दाम और कम होने चाहिए क्योंकि एक परिवार के लिए आटा, दाल, चावल और पानी ही मायने रखता है। वेतन धारक राजेंद्र चड्ढ़ा, अजय शर्मा, मान सिंह व सुरेश ने बताया कि पहले आटा उनको 21 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा था, लेकिन एकाएक फरवरी माह में इसके दाम 33 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए। अब दाम कुछ कम हुए हैं।
हिसार सर्कल एफसीआई ने बेचा 29 हजार मीट्रिक टन गेहूं
हिसार व फतेहाबाद के एफसीआई गोदामों से इस बार 22 फरवरी व इसके बाद एक मार्च को टेंडर खोले गए। इस दौरान गेहूं की टेंडर 2100 रुपये से लेकर 2350 रुपये प्रति क्विंटल तक खोले गए हैं। इसका फायदा यह हुआ है कि इस माह लोगों को 27 रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं का आटा मिलने लगा है। यानि गेहूं के आटे में छह रुपये की कमी आ गई है। अब तक हिसार सर्कल के एफसीआई गोदामों से 29 हजार 200 मीट्रिक टन गेहूं खुले बाजार में टेंडरों के माध्यम से बेचा जा चुका है। पहले जहां गेहूं 2700 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से व्यापारियों द्वारा खरीदा गया, अब इसके टेंडर लगाने वाले व्यापारियों ने रेटों में कमी की है और इन दिनों एफसीआई का गेहूं 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल बिका है।
कोट
गेहूं के दाम जनवरी व फरवरी माह में काफी अधिक बढ़ गए थे। इसका मुख्य कारण, पिछले साल गेहूं की पैदावार कम होना रहा। ओपन मार्केट में गेहूं 30 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी, लेकिन अब रेट थोड़े सामान्य हुए है। अब मार्केट में 27 से 30 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं मिल रहा है।
-राजेश कुमार, आटा चक्की मालिक, भट्टू रोड
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आटे के दामों में हुई एकाएक वृद्धि को देखते हुए फरवरी माह में हिसार सर्कल से हर बुधवार को गेहूं के टेंडर एफसीआई की ओर से लगाए जाते हैं। अब तक काफी गेहूं ओपन मार्केट में बेचा जा चुका है। जिससे आटे के दामों में भी कमी आई है। अब तो आटे के दामों के टेंडर 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल तक आ चुके हैं।
-सविता, कॉमर्शियल डिविजन ऑफिसर, हिसार एफसीआई