विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के गांव बिढाईखेड़ा की ग्राम पंचायत के दो वार्डों में पंचायत सदस्य बनने के लिए कोई दावेदार ही नहीं मिला है। गांव में छह वार्ड हैं, इनमें से वार्ड नंबर एक और वार्ड नंबर तीन में पंच पद के लिए कोई दावेदारी नहीं कर सका।
दरअसल, वार्ड नंबर एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। मगर गांव में अनुसूचित जाति का सिर्फ एक ही परिवार है। उस परिवार का कोई भी सदस्य पंच पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करता है। पंच पद के लिए शैक्षणिक योग्यता आठवीं है।
बीसी-ए का एक भी मतदाता नहीं गांव में
गांव बिढाई खेड़ा के ग्रामीण बलविंद्र सिंह ने बताया कि इसी तरह वार्ड नंबर तीन बीसी-ए के लिए आरक्षित किया गया है। मगर गांव बिढाईखेड़ा में बीसी-ए में शामिल किसी भी जाति का एक भी परिवार नहीं रहता है। इसलिए बीसी-ए के लिए निर्धारित वार्ड में कोई भी उम्मीदवार नामांकन नहीं कर सका। ग्रामीणों के अनुसार यह जिला प्रशासन की बड़ी चूक है। इस तरह की खामियों के लिए प्रशासन जिम्मेदार है।
गांव बिढाईखेड़ा के दो आरक्षित वार्ड बिना उम्मीदवार के खाली रह गए हैं। इसके अलग-अलग कारण हैं। इन वार्डों में अगले छह महीनों के दौरान दोबारा से आरक्षण प्रक्रिया करके चुनाव करवाए जाएंगे।
-नरेंद्र सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, टोहाना।