फतेहाबाद के रतिया नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने बुधवार दोपहर प्राइवेट बस में गर्भवती महिला (32) की डिलीवरी कराई। दुखद पहलू यह है कि नवजात को नहीं बचाया जा सका। महिला के परिजनों ने बताया कि गांव कलंदरगढ़ निवासी बिल्लू सिंह की पत्नी चरणजीत कौर 9 माह की गर्भवती थी। उसका पति बिल्लू सिंह मध्य प्रदेश में कंबाइन चलाने के सिलसिले में गया हुआ था।
वह घर पर अकेली थी। चरणजीत कौर को पिछले दो-तीन दिनों से शरीर पर खारीस हो रही थी। इसके चलते वह गांव से एक प्राइवेट बस से रतिया में चर्म रोग की दवा लेने जा रही थी। बस गांव से थोड़ी दूर चली तो महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई तथा रक्त भी बहने लगा। बस में मौजूद महिलाओं ने उसे संभाला। चालक ने महिला की हालत को देखते हुए बस को तेज गति से दौड़ाते हुए नागरिक अस्पताल के बाहर लाकर खड़ा कर दिया।
इसकी जानकारी अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों को दी गई। इसके बाद चिकित्सकों की टीम बस के अंदर आई तो देखा कि महिला की हालत काफी नाजुक है। नवजात का सिर बाहर आ चुका था। चिकित्सकों को लगा कि यदि महिला को अस्पताल में शिफ्ट किया तो महिला की जान को भी खतरा हो सकता है।
इसलिए बस को ही नागरिक अस्पताल में ले गए। चिकित्सकों की टीम ने बस के अंदर हरे परदे लगाकर महिला की डिलीवरी की। मगर, महिला का नवजात मृत निकला। हालांकि, डॉक्टरों ने महिला की जान बचा ली। महिला के पहले भी दो बच्चे हैं।
बस में सवार महिला की हालत काफी नाजुक थी। जिस पर उन्होंने टीम के साथ बस में ही महिला की डिलीवरी करवाई। हालांकि, महिला को मृत बच्चा पैदा हुआ। मगर महिला पूरी तरह स्वस्थ है तथा उसका इलाज चल रहा है। प्राथमिक जांच के बाद जानकारी सामने आई है कि महिला के गर्भ में ही दो दिन पहले बच्चे की मौत हो गई थी। मृत बच्चा भी चर्म रोग से पीड़ित दिखाई पड़ रहा है। -डॉ. निरपाल सिंह, चिकित्सक नागरिक अस्पताल रतिया