फतेहाबाद के टोहाना के गांव बिढाईखेड़ा में मधुर मिलन समारोह में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली और सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला के बीच दूरियां खत्म करने की कोशिश की। पहले मुख्यमंत्री ने समारोह के मंच से गांव पंचायत मंत्री के गांव बिढाईखेड़ा व बराला के गांव डांगरा को जोड़ने वाले पुल की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि दादा व पोता के रिश्ते को भी यह पुल मजबूत करेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली को अपने साथ सुभाष बराला के आवास पर लेकर गए। बराला जब मुख्यमंत्री को गेट पर गुलदस्ता देने लगे तो उन्होंने बराला का हाथ पकड़कर पंचायत मंत्री को गुलदस्ता दिलवाया।
बराला आवास पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, सांसद सुनीता दुग्गल, जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह, रतिया विधायक लक्ष्मण नापा व फतेहाबाद विधायक दुड़ाराम भी गए। राज्यसभा सांसद डॉ.डीपी वत्स पहले से वहां मौजूद थे।
मुख्यमंत्री बोले, कई बार रिश्तों में खटास आ जाती है
कभी-कभी रिश्तों में खटास आ जाती है। खटास को दूर करने के लिए पुल कमजोर हो तो उसको मजबूत करना पड़ता है। इसलिए डांगरा-बिढाईखेड़ा के बीच के पुल की भी मरम्मत करवाई जाएगी। यह पुल रिश्तों को भी मजबूत करने का काम करेगा।
इसलिए पड़ी जरूरत...
गौरतलब है कि लंबे समय से पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है। दोनों एक-दूसरे को राजनीतिक शिकस्त देने में लगे रहते हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में भी देवेंद्र बबली ने जजपा की टिकट पर एक लाख से अधिक वोट लेकर भाजपा के सुभाष बराला को 52 हजार से अधिक वोटों से हराया था। पंचायत समिति व जिला परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन चुनाव में भी दोनों एक-दूसरे को पटखनी देने में लगे रहे।
राजनीति में संवाद चलता रहना चाहिए : बराला
राजनीति में संवाद चलता रहना चाहिए। मेरा प्रयास हमेशा से रहा है कि राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता के नाते हम ऐसा व्यवहार रखें, जिससे न आपस में कटुता बढ़े और समाज में भी अच्छा संदेश जाए। भविष्य में भी ऐसा ही प्रयास रहेगा।
-सुभाष बराला, चेयरमैन, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो