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Fatehabad News: नौ दिनों से पटवारियों व कानूनगो की हड़ताल से 3650 इंतकाल व रजिस्टरी लटकी

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फतेहाबाद। नौ दिनों से चल रही पटवारियों व कानूनगो की हड़ताल के कारण जनता के राजस्व संबंधी काम बुरी तरह ठप हो गए हैं। नौ दिनों में जिले में 3650 इंतकाल व रजिस्ट्री अटक गई है। तहसील कार्यालय सूने नजर आ रहे हैं तो ई-दिशा केंद्र में भी फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इसके अलावा जमीनों की निशानदेही, जाति प्रमाण पत्र, फर्द निकलवाने संबंधी काम भी नहीं हो रहे हैं।
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सबसे अधिक मुश्किलें ग्रामीण अंचल के लोग झेल रहे हैं। राज्य सरकार के स्तर का मामला होने के कारण प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर भी कोई संसाधन नहीं है। गौरतलब है कि पे ग्रेड बढ़ोतरी व पटवारियों के रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग को लेकर दि रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने 26 दिसंबर से शुरुआत में तीन दिन सांकेतिक हड़ताल की थी। मगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो एसोसिएशन ने हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर दिया।
पटवारी की तसदीक बिना आगे नहीं बढ़ रही फाइल
जिले में फतेहाबाद, टोहाना व रतिया सहित तीन तहसील हैं। प्रतिदिन तीनों तहसीलों में रोजाना लोग अपने अलग-अलग कार्यों के लिए आते हैं। पटवारियों की तसदीक के बाद ही रजिस्ट्री व इंतकाल के काम होते हैं। मगर अब उनकी हड़ताल के चलते इंतकाल व रजिस्ट्री की फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं। नौ दिन में ही फतेहाबाद में 500, रतिया में 450 व टोहाना में 2500 रजिस्ट्रियों व इंतकाल का काम रुका पड़ा है। आवेदनकर्ताओं के पास हड़ताल खुलने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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जाति प्रमाण पत्र तक नहीं बन रहे
रजिस्ट्री व इंतकाल के अलावा पटवारियों के पास जाति प्रमाण पत्र, विरासत, तकसीम, बंटवारा, जमीनों की निशानदेही, गिरदावरी व अन्य प्रकार के सर्टिफिकेट प्रमाणित करने का काम होता है। एक दिन में जिले में लगभग दो हजार लोग पटवारियों के पास इन कामों के लिए आते हैं। मगर अब ये काम भी थमे हुए हैं।
पटवारियों के 60 फीसदी पद पड़े हैं रिक्त
एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार, सचिव कृष्ण कालड़ा, कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह व पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष पृथ्वी सिंह काकड़ ने बताया कि जिले में 169 पटवारियों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इस समय मात्र 65 पटवारी ही काम कर रहे हैं। रिक्त पदों को भरा नहीं जा रहा। कई पटवारियों के पास तो 15 से 20 गांव हैं। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, साढ़े तीन हजार एकड़ भूमि पर एक पटवारी होना चाहिए। मगर जिले में 15 से 20 हजार एकड़ पर एक पटवारी काम कर रहा है। पटवारियों के पद के लिए ग्रेजुएशन आवश्यक है, लेकिन कई ऐसे विभाग हैं, जिनमें 10वीं व 12वीं पास कर्मचारियों का पे-स्केल पटवारियों से अधिक है। मंगलवार को भी पटवारियों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पिछले साल जींद में हुए कार्यक्रम में पे ग्रेड बढ़ोतरी इसी वित्त वर्ष से करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक यह घोषणा पूरी नहीं की है। वहीं, रिक्त पदों को भरा नहीं जा रहा है। इसलिए हड़ताल जारी है और आगे भी रहेगी।
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-सुरेश कुमार, प्रधान, दि रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन
पटवारियों की जो मांगें है, वह हरियाणा सरकार के लेवल का मामला है। इसमें जिला प्रशासन कुछ नहीं कर सकता है। पटवारियों की मांगों को सरकार तक भेजा गया है।
-जगदीश शर्मा, उपायुक्त, फतेहाबाद
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