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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नहीं की अनाज मंडी में धान की खरीद

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धान से अटी फतेहाबाद की अनाज मंडी। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। अनाज मंडी में शनिवार को धान की खरीद नहीं हुई। शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से धान की खरीद की जानी थी, लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से कोई भी कर्मचारी धान की खरीद के लिए नहीं पहुंचा, जिसको लेकर मंडी के आढ़तियों में भारी रोष देखा गया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से एक अक्तूबर से धान की खरीद के आदेश दिए गए थे। पहले भी एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई और मंडी में चार अक्तूबर से धान की खरीद शुरू हुई थी। इसके बाद धान की खरीद हो रही थी, लेकिन शनिवार को एक बार फिर धान की खरीद नहीं हुई। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को शनिवार को फतेहाबाद की अनाज मंडी में धान की खरीद करनी थी, लेकिन विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी धान की खरीद के लिए नहीं पहुंचा। जिस कारण आढ़तियों में भारी रोष देखा गया। आढ़तियों ने इस मामले में अधिकारियों से भी बात की और उनका आरोप है कि अधिकारियों ने भी उनको कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया। आढ़तियों ने यहां तक आरोप लगाए कि डीएफएससी व मिलरों के घालमेल के कारण ऐसा हो रहा है। इस बारे में जब खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक विनीत जैन से बार-बार उनके मोबाइल फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अपना मोबाइल नहीं उठाया।
निजी तौर पर बिका पीआर-14
परमल की किस्म पीआर-14 को निजी कंपनियों ने अच्छे भाव में खरीदा है। शनिवार को अनाज मंडी में पीआर-14 का रेट 2200 रुपये प्रति क्विंटल लगा, जबकि सरकारी रेट 2060 रुपये है। वहीं नकली बासमती की किस्म अनाज मंडी में 3400 रुपये प्रति क्विंटल, नरमा 9100 रुपये प्रति क्विंटल तथा कपास 8300 रुपये प्रति क्विंटल बिका।
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खराब मौसम के चलते किसान नहीं लाए धान
शनिवार को खराब मौसम होने के कारण किसान अपनी धान की फसल अनाज मंडी में कम ही लेकर आए। मौसम विभाग की ओर से शनिवार को बारिश की आशंका जताई गई थी, जिसके चलते किसानों ने धान नहीं निकाला और ना ही मंडी में लेकर आए। हालांकि पहले से अपनी धान लेकर आए किसान शनिवार को धान खरीद का इंतजार करते रहे।
धीमी पड़ी है लदान की प्रक्रिया
जिले की मंडियों में अब तक 32 हजार 555 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। अभी तक मात्र 1470 मीट्रिक टन धान का ही लदान हो पाया है। मंडियों में अभी तक 31 हजार 85 मीट्रिक टन धान पड़ी है।
शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से धान की खरीद होनी थी। मंडी में पहले से धान पड़ा है, लेकिन इसको खरीदने के लिए विभाग की ओर से कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया। मैंने स्वयं खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक, मार्केट कमेटी सचिव व एसडीएम तक से बात की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। यह सब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व मिलरों की मिलीभगत का नतीजा है कि धान की खरीद नहीं हो रही।
-जगदीश भादू, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन, फतेहाबाद।
शनिवार को मंडी में धान की खरीद नहीं हो पाई। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को धान की खरीद करनी थी, लेकिन पता चला है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का अभी तक राइस मिलरों के साथ एग्रीमेंट नहीं हुआ है। मंडी में धान का लदान सुचारू हो चुका है।
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-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव, फतेहाबाद।
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