जाखल। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से घग्गर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी है। एक दिन में ही घग्गर नदी में तीन हजार क्यूसिक से अधिक पानी बढ़ गया है। मंगलवार सुबह जाखल क्षेत्र में घग्गर नदी का जलस्तर 9350 क्यूसिक रहा। बुधवार तक जलस्तर 10 हजार क्यूसिक से अधिक पानी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने घग्गर नदी के तटबंध पर चौकसी बढ़ा दी है। हालांकि, तटबंधों के लिए कट्टे व अन्य संसाधन नहीं मिलने पर किसानों ने रोष भी जताया।
कासिमपुर पुल के पास सिंचाई विभाग के एक्सईएन जब काले शीशे लगी गाड़ी में मौके से निकल रहे थे तो किसानों ने गाड़ी को रुकवा लिया। जब उन्हें पता लगा कि सिंचाई विभाग के एक्सईएन यहां से बिना किसानों से मिले जा रहे हैं तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही अधिकारी का घेराव कर दिया। किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रतीक हुड्डा ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों तथा बीडीपीओ को निर्देश दिए कि किसानों को तटबंध के लिए तुरंत समान उपलब्ध करवाया जाए।
किसान बोले - नदी में पानी पुल से करीब एक फुट नीचे ही बह रहा
मौके पर किसान नसीब सिंह, जगतार सिंह, बंटी कासिमपुर, रणजीत सिंह, गुरजीत मंडेर, हरविंदर सिंह, सुखा सिंह आदि ने कहा कि घग्गर नदी पर पुल काफी नीचे है। नदी में पानी पुल से करीब एक फुट नीचे ही बह रहा है। वहीं, उनके कुछ तटबंध भी कमजोर हो रहे हैं, इन्हें मजबूत करने के लिए मिट्टी के कट्टे व अन्य संसाधन होने जरूरी है। किसानों का आरोप है कि जब वे बीडीपीओ से जरूरत का सामान मांगने गए तो उन्होंने अन्य विभागों का हवाला देकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद जब किसान नदी के आसपास पहुंचे तो उन्हें सिंचाई विभाग के एक्सईएन की काले शीशे लगी गाड़ी नजर आई। किसानों से बिना मिले और उनकी समस्याओं को बिना जाने एक्सईएन जा रहे तो किसान नाराज हो गए। किसानों ने उनकी गाड़ी का घेराव करते हुए कहा कि निरंतर चल रही बारिश के चलते अब केवल मौका देखा जा रहा हैं। संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे है। बाद में इसकी सूचना एसडीएम प्रतीक हुड्डा को दी गई। उन्होंने मौके पर आकर किसानों को शांत किया।
किसानों की मांग जायज है। किसानों की मांग पर मिट्टी के कट्टे व अन्य संसाधनों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार से किसानों को परेशानी न आने दी जाए।प्रतीक हुड्डा, एसडीएम, टोहाना