रतिया। गांव पिलछिया में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के करीब 25 किसानों पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने के विरोध में यूनियन ने रविवार दोपहर को रतिया सदर थाना के घेराव किया और पुलिस प्रशासन व भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान किसान नेताओं की सदर थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश से काफी तू-तड़ाक भी हुई। इसके बाद किसान यूनियन ने निर्णय लिया है कि अगर 17 मई तक किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे को खारिज नहीं किया गया तो रतिया सदर थाना के समक्ष महापंचायत बुलाएंगे और अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
रविवार को धरने की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह ने की। मनदीप सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि रतिया सदर पुलिस द्वारा भाजपा नेताओं के इशारे पर समिति के गांव पिलछिया निवासी करीब 25 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत पर अनुसूचित जाति अधिनियम व मारपीट के झूठे आरोप के तहत केस दर्ज किया है। किसान संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने तो सिर्फ तंवर से सवाल पूछने चाहे थे। मगर गांव के ही एक भाजपा कार्यकर्ता ने समिति सदस्यों से झगड़ा कर लिया। उसके बाद किसानों पर ही केस दर्ज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 17 मई को रतिया सदर थाना के समक्ष पुलिस की कार्यप्रणाली और भाजपा नेताओं के खिलाफ महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें हजारों किसान भाग लेंगे और अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
इस मौके पर सुखदीप रंधावा, ओमप्रकाश हासंगा, गुरप्यार सिंह बाड़ा, परमजीत सिंह, जगसीर सिंह बाड़ा, इकाई प्रधान निर्मल सिंह, रूप सिंह खोखर, जरनैल सिंह ढिल्लों, बाबा गुरबचन सिंह, दुला सिंह सहित कई किसान मौजूद थे।
एसएचओ पर ही लगाया भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर काम करने का आरोप
इस दौरान थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश जब उन्हें समझाने आए तो किसानों ने थाना अध्यक्ष पर ही भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर काम करने का आरोप लगा दिया। इसके बाद थाना अध्यक्ष और किसानों में काफी तू तड़ाक भी हुई। गांव पिलछिया के पूर्व सरपंच गुरसेवक सिंह ने आरोप लगाया कि जिस दिन झगड़ा हुआ, उस दिन वह गांव से 30 किलोमीटर दूर गांव पालसर में कुमारी सैलजा के कार्यक्रम में मौजूद थे। विधायक के दबाव में उसके खिलाफ भी झूठा केस दर्ज किया गया है। गांव का एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर नहीं था, उसके खिलाफ भी केस हो गया है। जिस पर किसानों ने काफी हंगामा किया। थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश ने डीएसपी संजय कुमार से बात की और किसानों से 17 मई तक का समय मांगा। किसानों ने कहा कि अगर 17 मई तक मुकदमे को खारिज नहीं किया तो उस दिन सदर थाना के समक्ष हजारों किसान महापंचायत में पहुंचेंगे।
गांव में झगड़े के मामले में कुछ लोगों पर अनुसूचित जाति अधिनियम व झगड़े की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, जिसकी जांच डीएसपी द्वारा की जा रही है। धरना दे रहे लोगों को समझाया है कि 17 मई तक मामले की जांच रिपोर्ट आ जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -ओमप्रकाश, एसएचओ, सदर थाना रतिया।