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Fatehabad: किसानों ने खोला मोर्चा, बाढ़ व सेम से हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरे

Fri, 18 Aug 2023 03:24 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

मनदीप नथवान ने कहा कि बाढ़ व सेम से खराब हुई फसलों के मुआवजे सहित 21 मांगों को लेकर किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। सरकार अभी किसानों को मुआवजा देने के मूड में नहीं है। अभी वह किसानों के साथ पोर्टल-पोर्टल खेल रही है। भाजपा सरकार को किसानों से कोई लेना-देना नहीं है।
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किसानों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फतेहाबाद में बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों द्वारा शुक्रवार को फतेहाबाद में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार होकर फतेहाबाद अनाज मंडी पहुंचे और यहां से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। किसान संगठन द्वारा डीसी कार्यालय पर पक्का मोर्चा शुरू करते हुए ऐलान किया गया कि जब तब सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन की अध्यक्षता पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप नथवान ने की।

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किसान नेता के अनुसार
मनदीप नथवान ने कहा कि बाढ़ व सेम से खराब हुई फसलों के मुआवजे सहित 21 मांगों को लेकर किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। सरकार अभी किसानों को मुआवजा देने के मूड में नहीं है। अभी वह किसानों के साथ पोर्टल-पोर्टल खेल रही है। भाजपा सरकार को किसानों से कोई लेना-देना नहीं है। किसानों की परवाह करने की बजाय भाजपा सरकार चुनावों की तैयारियों में जुटी है। मनदीप नथवान ने प्रदेश के विपक्ष को भी नकारा बताते हुए कहा कि विपक्ष आज सरकार की नाकामी को वोटरों में तबदील करना चाहता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया है।

स्थानीय विधायक केवल फोटो खिंचवाने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गए, लेकिन उसके बाद उन्होंने कोई इलाका नहीं संभाला। बाढ़ के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी है। लोगों के मकान टूट चुके हैं, लेकिन सरकार इन्हें कोई राहत नहीं दे रही। इस सरकार में कोई भी किसानों व आम जनता की बात सुनने वाला नहीं है। क्षतिपूर्ति पोर्टल के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। पहले भी पोर्टल पर दर्ज नुकसान का किसानों को कोई मुआवजा तक नहीं दिया गया है। बीमा कंपनियों ने लूट मचा रखी है। जबरदस्ती प्रीमियम काट लिया जाता है लेकिन फसल खराब होने पर बीमा क्लेम नहीं दिया जाता।
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किसानों ने इन 21 मांगों को उठाया
मांग पत्र में किसान संघर्ष समिति ने बाढ़ पीडि़त किसान को 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने, खराब ट्यूबवेलों व मकानों का मुआवजा देने, जहां पानी नहीं निकल सकेगा वहां पानी निकासी का प्रबंध करने, एक साल बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बिजली बिलों को न लेने, कर्ज को एक साल ब्याज मुक्त करने, खराब हुए नए टयूबवेल लगने पर कनेक्शन शिफ्टिंग का खर्चा ना लेने, घग्घर नदी पर टूटे बांधों को बनवाने, बाढ़ से जिन किसानों की जमीन पानी में बह गई है उन्हें विशेष जमीन में मिट्टी डालने के लिए मुआवजा देने, स्वास्थ्य सेवाएं फ्री गांव-गांव तक पहुंचाने, बाढ़ के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, आपदा प्रबंधन के लिए पैसे की जांच करने, मजदूर परिवारों को 20 हजार प्रति परिवार देने, वर्ष 2021-22 का बीमा क्लेम व फसल मुआवजा देने, सेम ग्रस्त इलाके सेम मुक्त करने का प्रबंध करने, भट्टू अनाज मंडी में धान की खरीद करने व इलाके में बढ़ रही गुंडागर्दी चोरी डकैती नशाखोरी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।

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