फतेहाबाद/टोहाना। जिले में प्रशासन के लगातार प्रयासों के बावजूद पराली की आग थम नहीं रही है। पिछले 24 घंटे में 37 और जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। इनमें से 30 लोकेशन हरसैक ने भेजी है जबकि सात लोकेशन कृषि विभाग के अन्य सूत्रों से पता चली हैं। अब तक जिले में 265 जगहों पर पराली जल चुकी है। वहीं, पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं के चलते संबंधित गांवों में पराली प्रबंधन के लिए नियुक्त निगरानी कमेटी में शामिल कृषि, राजस्व व पंचायत विभाग के 17 और अधिकारियों/कर्मचारियों व सदस्यों को डीसी जगदीश शर्मा ने नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
नोटिस में सही ढंग से जागरूक न कर पाने का आरोप
डीसी की ओर से जारी किए गए नोटिस में संबंधित जिम्मेदारों पर आरोप लगा है कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति सही ढंग से जागरूक नहीं किया गया है। इसलिए पराली जलाई गई है। इसके लिए निगरानी कमेटी के सदस्य भी जिम्मेदार हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में पराली जलाने पर अंकुश लगाने को लेकर उपायुक्त जगदीश शर्मा द्वारा जिला, उपमंडल व ग्राम स्तर पर निगरानी कमेटियों का गठन किया गया है। इन कमेटियों में कृषि, राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
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पंचायत मंत्री के गांव बिढाईखेड़ा में भी जली पराली
जिले में कुछ गांव ऐसे हैं, जहां पांच या इससे अधिक जगह पर पराली जलाई गई है। इनमें पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली का गांव बिढाईखेड़ा भी शामिल हैं। जिले के गांव मालाहेड़ी व पिरथला में 6-6 तथा बिढ़ाईखेड़ा व बोस्ती में 5-5 जगह पर पराली जलाने की लोकेशन हरसैक द्वारा भेजी गई है। यहां पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया। उपायुक्त ने यहां पर नियुक्त निगरानी कमेटी के 17 सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें 6 नंबरदार, 4 पटवारी, 4 ग्राम सचिव, कृषि विभाग से 3 सुपरवाइजर/निरीक्षक शामिल हैं।
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टोहाना क्षेत्र में पराली जलाने के सबसे अधिक मामले
टोहाना विधानसभा क्षेत्र में अब तक पराली जलाने के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। यहां अब तक 117 फायर लोकेशन मिल चुकी है। एसडीओ मुकेश मेहला को फायर लोकेशन मिली तो वह स्वयं मौके पर पहुंच गए। एसडीओ ने स्वयं पराली में लगी आग को बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस दौरान आग की सूचना दमकल विभाग को देकर आग को बुझाया गया।
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:: पराली जलाने के जिन गांवों में पांच या इससे ज्यादा मामले आए हैं, वहां के निगरानी कमेटी के जिम्मेदार 17 लोगों को नोटिस जारी किया है। तीन दिन में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। इन गांवों में फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति सही ढंग से जागरूक नहीं किया जा सका है, इसी कारण किसान पराली को आग लगा रहे हैं।
-जगदीश शर्मा, डीसी, फतेहाबाद