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Fatehabad News: सरपंचों के समर्थन में पंचकूला गए किसान, फूंका पुतला

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फतेहाबाद के लघु सचिवालय के गेट पर सीएम, डिप्टी सीएम व पंचायत मंत्री का पुतला फूंकते किसान।
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फतेहाबाद। पंचकूला में सरपंचों पर लाठीचार्ज होने के बाद वीरवार सुबह 5 बजे ही जिले से काफी संख्या में किसान जत्थेबंदियों के सदस्य पंचकूला रवाना हो गए। किसान जत्थेबंदियों ने इस आंदोलन में सरपंचों का साथ देने का ऐलान किया है। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर लघु सचिवालय के गेट पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री का पुतला फूंककर रोष जताया।
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लघु सचिवालय के गेट पर पहुंचे पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने सरपंचों पर लाठीचार्ज किए जाने पर रोष जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली का पुतला फूंका। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि सत्ताधारी पार्टियों के नेताओं का गांवों में आने पर इसी तरह स्वागत किया जाएगा, जैसा सरकार ने पंचकूला में सरपंचों के साथ किया है। उधर, सरपंचों द्वारा विरोध के ऐलान के बीच भाजपा विधायक दुड़ाराम शुक्रवार को भट्टू में खुला दरबार लगाएंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश के सरपंच अकेली ई टेंडरिंग ही नहीं बल्कि पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती देने की लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार गांवों के विकास का जिम्मा ठेकेदारों को सौंपना चाहती है, ताकि उनसे पैसा बटोरा जा सके। पूरा किसान वर्ग चुने हुए सरपंचों के साथ हैं। सरपंच गांव की सरकार होते हैं और जनता उन पर विश्वास करके ही उन्हें चुनती है। यदि वे अपनी मांग लेकर जा रहे हैं तो इस तरह की बर्बरता नहीं होनी चाहिए। सरकार में बैठे मंत्रियों से लेकर विधायकों तक को इस बर्बरता का जवाब देना होगा।
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सरपंचों के विरोध के फैसले के बीच विधायक भट्टू में आज लगाएंगे खुला दरबार
फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक दुड़ाराम हर वीरवार को भूना और हर शुक्रवार को भट्टू जनसमस्याएं सुनते हैं। इस निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधायक दुड़ाराम शुक्रवार को भट्टू मंडी में खुला दरबार लगाकर जनता की समस्याएं सुनेंगे। सरपंचों द्वारा सत्ताधारी पार्टियों के नेताओं के विरोध के कारण इस कार्यक्रम में भी विरोध के आसार बन गए हैं।

गांवों में शगुन डबल करके देने की प्रथा है, सरकार को भी देंगे
इस दौरान सरपंच रामकुमार पूनिया, हरिकृष्ण कटारिया, किसान नेता कल्याण सिंह, बरजिंद्र सिंह आदि ने कहा कि गांवों में एक प्रथा है कि जब कोई किसी के कार्यक्रम में शगुन देता है तो ग्रामीण उसे उसके कार्यक्रम में डबल करके ही वापस देते हैं। इसलिए सत्तासीन नेता अब गांवों में आएं तो ध्यान रखें, सरपंचों के साथ-साथ किसान भी उनका विरोध करेंगे और गांवों में घुसने नहीं देंगे। भाजपा-जजपा सरकार को किसान व सरपंच दोगुना करके शगुन देंगे।

कोट
पंचकूला में सरपंचों पर लाठीचार्ज के लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली जिम्मेदार हैं। उनको तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। सरपंच सरकार द्वारा छीने गए हकों को पाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। उन पर नाजायज दबाव डालकर तोड़ने का प्रयास कर रही है। ऐसा सलूक सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।
-विकास मेहता, प्रदेश प्रवक्ता, इनेलो
कोट
लाठी और गोली के दम पर कभी सरकारें नहीं चलती। सरकार को हठधर्मिता छोड़कर सरपंचों से बात करनी चाहिए। सरपंच अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि ग्रामीण विकास को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरपंचों पर केस दर्ज करना सरकार की छोटी मानसिकता है।
-मुकेश प्रजापति, युवा कांग्रेस नेता
कोट
सरपंचों में लाठीचार्ज के बाद से सरकार के प्रति नाराजगी है। सत्ताधारी पार्टी का कोई भी विधायक या बड़ा नेता सार्वजनिक कार्यक्रम किसी गांव में करेगा तो कड़ा विरोध किया जाएगा।
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-चंद्रमोहन पोटलिया, अध्यक्ष, भट्टू खंड सरपंच एसोसिएशन
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