फतेहाबाद। किसानों ने मंगलवार शाम नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। किसानों ने सिरसा रोड पर स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी में 1121 किस्म धान की बोली न होने व धान को निजी खरीदारों द्वारा कम दामों में खरीदने का विरोध किया। जाम की वजह से सड़क के दोनों ओर वाहनों का जमावड़ा लग गया। जाम की सूचना पाकर नायब तहसीलदार राजेश गर्ग, मार्केट कमेटी के अतिरिक्त सचिव व शहर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। मगर किसान धान की खरीद प्रक्रिया दुरुस्त करवाने की मांग पर अड़े रहे। किसानों ने करीब दो घंटे तक जाम लगाए रखा।
जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद की नई व पुरानी अनाज मंडी में परमल के अलावा नकली बासमती की किस्मों की खरीद मार्केट कमेटी के माध्यम से निजी परचेजर खरीदते हैं। तीन दिन पुरानी मंडी व तीन दिन नई मंडी में नकली बासमती की किस्मों की खरीद होती है। मंगलवार शाम को किसानों ने बोली न होने का आरोप लगाते हुए सिरसा रोड पर अनाज मंडी के गेट के बाहर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जाम की वजह से सिरसा रोड पर वाहनों की कतार लग गई। किसानों ने सड़क पर टैक्टर-ट्रॉलियां अड़ा रखी थीं, जिस कारण वाहन चालकों को अपने गंतव्य पर जाने के लिए दूसरे रास्तों का प्रयोग करना पड़ा। वहीं जाम लगाकर बैठे किसानों को जब मार्केट कमेटी के सहायक सचिव संदीप ने बताया कि मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया को बुखार है तो वहां पर किसानों ने कहा कि क्या हमें बुखार नहीं है। हम भी बुखार में यहां अनाज मंडी में बैठे हैं। एक किसान ने तो उनके सामने अपनी दवाएं तक दिखा दी।
एक सप्ताह से फसल लेकर आए हुए हैं, लेकिन बोली नहीं हो रही
जाम लगाकर खड़े किसान प्रीतपाल सिंह खुंबर, रणजीत कंबोज अहलीसदर, बलविंद्र खुंबर, रामसिंह खुंबर, राजेश्वर भोड़ियाखेड़ा व विनोद भोड़ियाखेड़ा ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से अपनी 1121 किस्म धान को लेकर अतिरिक्त अनाज मंडी में आए हुए हैं। मगर इस किस्म की बोली नहीं हो रही है। निजी परचेजर मात्र दो या तीन दुकानों की ढेरियों की बोली करते हैं और फिर चले जाते हैं। इसके बाद बिना बोली के निजी परचेजर मंडी में आ जाते हैं और किसानों की धान का रेट 400 से 500 रुपये कम लगाते हैं। उन्होंने बताया कि एक ओर टोहाना की अनाज मंडी में 1121 धान 4200 रुपये प्रति क्विंटल बिकती है और यहां पर उनकी धान को 3200 से 3300 रुपये के औने पौने दाम में खरीदा जा रहा है। मार्केट कमेटी के माध्यम से धान की खरीद करने वाले निजी परचेजर धान की बोली इसलिए कम करते हैं, ताकि किसानों की धान को कम दामों में खरीदा जा सके।
धान की रखवाली के लिए अनाज मंडी में बिता रहे दिन-रात
किसानों ने कहा कि इस समय अतिरिक्त अनाज मंडी धान से अटी हुई है और एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उनकी धान की बोली नहीं हुई है। यह समय गेहूं बिजाई का है और उनको अपनी धान की रखवाली के लिए अनाज मंडी में दिन रात बैठा रहना पड़ता है। अनाज मंडी में न पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही बैठने की। इससे उनकी समस्या बढ़ी हुई है।
देर शाम तक चलती रही बैठक
जाम की सूचना पाकर नायब तहसीलदार राजेश गर्ग, व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू, मार्केट कमेटी के सहायक सचिव संदीप कुमार व शहर थाना प्रभारी यादविंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जाम लगाकर बैठे किसानों से बात की। नायब तहसीलदार राजेश गर्ग ने निजी परचेजरों व किसानों को मार्केट कमेटी कार्यालय में वार्ता के लिए बुुलाया। यहां पर किसानों, निजी परचेजरों व नायब तहसीलदार के बीच बातचीत हुई। बातचीत में किसान धान की बोली न होने का मुद्दा उठाते रहे। इसके बाद किसानों व प्रशासनिक अधिकारियों में सहमति बन गई।
व्यापार मंडल के प्रधान भी दिखाई दिए खफा
जाम स्थल पर पहुंचे अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू भी काफी खफा दिखाई दिए। उन्होंने मार्केट कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मार्केट कमेटी की धान की बोली की व्यवस्था काफी खराब है। मंगलवार को भी अतिरिक्त अनाज मंडी में धान की बोली नहीं हो रही थी तो उनको स्वयं आकर बोली आरंभ करवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों को चाहिए कि वह समय पर बोली करवाएं, ताकि मंडी में आए किसानों को कोई परेशानी ना हो।
जिले में अब तक 7 लाख 46 हजार 830 मीट्रिक टन धान फसल की हुई आवक
जिले की विभिन्न अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर सोमवार की शाम तक 7 लाख 46 हजार 830 मीट्रिक टन धान फसल की आवक हुई है। इसके साथ ही अब तक 5 लाख 58 हजार 304 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान भी किया जा चुका है।
कोट
किसानों ने जो बातें रखी थी, उनमें अधिकांश को मान लिया गया है। नई व पुरानी अनाज मंडी में तीन-तीन दिन बोली होगी। निजी परचेजरों को आदेश दिए गए हैं कि वह तय समय सीमा तक अनाज मंडियों में धान की खरीद करें।
-राजेश गर्ग, नायब तहसीलदार, फतेहाबाद