भूना। रतिया रोड पर निजी स्कूल के सामने गेहूं भंडारण को लेकर निजी ग्रुप द्वारा प्रस्तावित करीब आठ एकड़ भूमि में निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस दौरान दूसरे किसानों के खेत में नहरी पानी सप्लाई के खाल पर चहारदीवारी निकालने की सूचना के बाद किसानों ने हंगामा करते हुए रोष प्रकट किया।
किसानों ने कहा कि अगर नहरी खाल पर चहारदीवारी निकल जाएगी तो उनके खेतों में पानी कैसे पहुंच पाएगा। किसानों के विरोध के कारण कंपनी के कर्मचारी मौके से चले गए। वहीं किसानों के हंगामे की सूचना के बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ श्याम ढींगडा ने कंपनी को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। साथ ही चहारदीवारी का निर्माण कार्य न रोकने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह है मामला : बता दें कि भूना से तीन किलोमीटर दूर रतिया रोड पर निजी स्कूल के सामने गेहूं भंडारण को लेकर लगभग 8 एकड़ में एक निजी कंपनी द्वारा स्टोरेज गोदाम बनाए जा रहे हैं। 37 साल से जिस नहरी खाल से किसान नहरी पानी खेतों में लगा रहे हैं, वहां कंपनी कर्मचारियों ने चहारदीवारी निकालनी शुरू कर दी।
वहीं, सड़क किनारे वन विभाग द्वारा लगाए गए पेड़ भी जेसीबी से उखाड़ दिए। इसकी सूचना मिलने पर किसान सरदार जसबीर सिंह, जितेंद्र सिंह, विक्रमजीत सिंह, जोगिंदर सिंह, रमनप्रीत सिंह, समरजीत सिंह आदि ने खूब हंगामा किया और खाल को तोड़े जाने को लेकर कंपनी मैनेजर से सवाल किए।
कंपनी कर्मचारी किसानों के विरोध को देखकर मौके से चल गए। किसानों का प्रतिनिधिमंडल सिंचाई विभाग के सनियाणा मंडल के अधिकारियों से मिला।
किसानों की शिकायत मिलते ही जिलेदार एवं पटवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी रिपोर्ट एसडीओ को सौंपी। इसके बाद एसडीओ श्याम ढींगड़ा ने एचएम एग्री लॉजिस्टिक लिमिटेड प्राइवेट कंपनी भूना के प्रबंधक कमाल खान को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। नहरी खाल पर निर्माण किए जाने पर कानूनी कार्रवाई के लिए चेतावनी दी है।
-
रतिया रोड पर किसानों की शिकायत मिली थी। नहरी खाल की जगह पर चहारदीवारी निकालने वाली संबंधित कंपनी के मैनेजर को नोटिस दिया गया है। मंजूरी बगैर नहरी खाल पर कोई निर्माण कार्य करना नहर अधिनियम 1974 के खिलाफ है। काम बंद न करने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-श्याम ढींगड़ा, एसडीओ, सिंचाई विभाग