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चक्का जाम को लेकर किसानों का गांवों में जनसंपर्क अभियान शुरू

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कृषि कानूनों को रद्द करने, एमएसपी गारंटी का कानून लागू करने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 6 फरवरी को दोपहर 12 से 3 बजे तक फतेहाबाद में भी अनेक स्थानों पर किसानों द्वारा चक्का जाम किया जाएगा। इस आंदोलन को कामयाब बनाने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की टीमें गांव गांव जाकर ग्रामीणों से आंदोलन में भाग लेने का आह्वान कर रही हैं। संयुक्त किसान मोर्चा तहसील फतेहाबाद के संयोजक योगेंद्र सिंह भूथन की अगुवाई में किसानों की टीमों ने गांव मताना, ढाणी माजरा, धांगड़, झलनियां, खजूरी, काजल, कुम्हारिया, बड़ोपल, मोहम्मदपुर रोही आदि गांवों का दौरा किया। ग्रामीण सभाओं में किसान नेता कल्याण सिंह व एडवोकेट वीरेंद्र कुमार ने कहा कि किसानों का दर्द समझने की बजाय केन्द्र की मोदी सरकार उन्हें अपना दुश्मन समझ रही है और उन्हें रोकने के लिए सड़कों पर कीलों लगाकर बेरिकेड की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ खेती को बचाने की नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को गुलामी से बचाने का भी आंदोलन है। इन तीनों काले कानूनों को लागू कर सरकार किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है। इन कानूनों को वापस करवाने और फसल की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की हठधर्मिता और तानाशाही के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन को तेज करते हुए 6 फरवरी को देशभर में दोपहर 12 से 3 बजे तक चक्का जाम करने का एलान किया है। इसी कड़ी में 6 फरवरी को सुबह किसान अनाज मंडी में एकत्रित होंगे और वहां से प्रदर्शन करते हुए लाल बत्ती चौक पर चक्का जाम करेंगे। गांव सभाओं को पूर्व जिला पार्षद रामचंद्र सहनाल, पूर्व पार्षद शम्मी रत्ति, मजदूर नेता दलबीर आजाद, शाहनवाज एडवोकेट, मोहन लाल नारंग ने भी विचार रखे। किसानों की दूसरी टीम ने अहलीसदर, करनौली, सोत्तर भट्टू, नखाटिया, थेड़ी, बहबलपुर, भड़ोलांवाली, मानकपुर, बनावाली, मुसाअहली, रत्ताटिब्बा का दौरा किया। इस अवसर पर संजय कुमार भट्टू, रघुबीर, चंद्रभान, रामकुमार पूर्व चेयरमैन ब्लाक समिति, मनफूल सिंह ढाका, मलकीत सिंह फौजी, बब्बू, इंद्र ढाणी ठोबा, धनपत पूर्व सरपंच ढाणी ठोबा, ओमप्रकाश, कृष्ण अहलीसदर, रामचंद्र करनौली और सुरेश गढ़वाल आदि शामिल रहे।
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