फतेहाबाद। सरकारी योजनाओं का अगर लाभ लेना है तो परिवार पहचान पत्र प्रदेश सरकार ने अनिवार्य कर दिया है। पीपीपी को लेकर कई शर्तें भी सरकार ने लगा दी हैं। नियम के खिलाफ जाकर परिवार पहचान पत्र में बदलाव नहीं करवा सकते हैं लेकिन जिले के कई सीएससी संचालक यूपी के गैंग के साथ मिलकर परिवार पहचान पत्र में बदलाव करवा रहे हैं।
सीएससी संचालकों के खिलाफ पुलिस को इनपुट मिला है। इसके चलते शनिवार को पुलिस ने कई सीएससी संचालकों से पूछताछ शुरू की है। इसमें फतेहाबाद के दो सीएससी संचालक शामिल हैं। इनके लैपटॉप और मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। हालांकि फिलहाल पुलिस अधिकारी इस मामले में अभी कुछ भी बोलने से मना कर रहे हैं। बता दें कि सीएससी संचालकों का प्रदेश स्तर पर व्हाटसएप ग्रुप बना है। इसमें कई हैकर्स शामिल हैं जो कि यूपी के हैं। बताया जा रहा है कि परिवार पहचान पत्र में नियम अनुसार जो बदलाव नहीं हो सकता है, यूपी के ये हैकर्स पैसे लेकर बदलाव कर देते थे। ये हैकर्स व्हाटसएप ग्रुप में ऑफर देते थे। इसके बाद सीएससी संचालक संबंधित लोगों को हैकर्स का नंबर देकर परिवार पहचान पत्र में बदलाव करवाते हैं। व्हाटसएप कॉल पर ही डीलिंग होती थी।
अलग बना देते थे पीपीपी
परिवार पहचान पत्र में अगर किसी को किसी सदस्य का नाम कटवाना है या फिर जुड़वाना है तो औपचारिकताएं पूरी कर पाना मुश्किल है। लेकिन यूपी के हैकर्स पैसे लेकर 10 मिनट में काम कर देते थे।