फतेहाबाद। जननायक जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब टोहाना में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे। दरअसल, फतेहाबाद जिले में टोहाना विधानसभा क्षेत्र सबसे बड़ा सियासी गढ़ है। यहां की राजनीति पिछले 20 साल से चार प्रमुख नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इन नेताओं में निशान सिंह, पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला और मौजूदा विधायक व पूर्व पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली शामिल हैं।
पहले यहां कांग्रेस से टिकट पाने में पूर्व मंत्री परमवीर सिंह का परिवार ही मुख्य दावेदार रहा है। मगर अब निशान सिंह के शामिल होने से एक दावेदार और बढ़ गया है। वहीं, दूसरी तरफ पूर्व पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के भी भाजपा में जाने की अटकलें चल रही है। ऐसे में साल 2019 के मुकाबले इस बार नए राजनीतिक हालात पैदा होंगे। निशान सिंह के आने से निश्चित तौर पर कांग्रेस का कुनबा टोहाना ही नहीं बल्कि फतेहाबाद जिले में भी बढ़ा है।
जजपा के पास नहीं बचा कोई बड़ा नेता
निशान सिंह के जाने और देवेंद्र बबली की बेरुखी के बाद अब जननायक जनता पार्टी के पास जिले में कोई बड़ा नेता नहीं बचा है। दुष्यंत चौटाला और उनके परिवार को गृह जिले के पड़ोसी जिले में अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए फिर से नए सिरे से शुरुआत करनी होगी।
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भाजपा के लिए मुश्किल होगी टोहाना में डगर
दूसरी तरफ सत्ताधारी पार्टी भाजपा के लिए टोहाना में डगर मुश्किल होने वाली है। कांग्रेस के अलग अलग खेमे के नेता एक साथ आ चुके हैं। दूसरी तरफ सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल भी मुखर होकर भाजपा का विरोध कर रहे हैं। टोहाना के ही हिस्से जाखल में किसान संगठन भी सरकार की खिलाफत कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।