उपमंडल के गांव कन्हड़ी में ग्रामीणों ने बिजली निगम द्वारा बिजली चोरी को लेकर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ एक पंचायत कर एलान किया है कि बिजली निगम के अधिकारियों को बिजली चोरी को लेकर अगर कार्रवाई करनी है तो गांव की 21 सदस्यीय कमेटी से पहले बात करनी होगी। ऐसा न करने पर बिजली निगम की छापे के लिए टीम में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन की होगी। शनिवार को गांव कन्हड़ी में पंचायत में के बाद ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कि कमेटी की बिना परमिशन के कोई कर्मचारी या अधिकारी गांव में आया तो जान माल के नुकसान का जिम्मेदार सरकार होगी। इस पर निगम के एक्सईन रणवीर सिंह ने कहा इस प्रकार कोई भी ऐसा फैसला नहीं ले सकता है। इस बारे में गांव के पंच संदीप व ग्रामीण प्रेम कुमार ने बताया कि गांव के लोगों को पता चला था कि विजिलेंस व अन्य टीमों दारा बलियाला सहित अन्य गांवों में छापे मारे गए है तथा गांव कन्हड़ी को भी टारगेट पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है अगर कोई टीम छापे के लिए आएगी तो उसे पहले कमेटी से बात करनी होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना कमेटी से बात किए आने वाले कर्मचारी की जान माल की नुकसान की जिम्मेदार सरकार की होगी। गौरतलब है बिजली विभाग द्वारा बिजली चोरी को रोकने के लिए शहर व गांवों में छापे मारे जा रहे है तथा बिजली चोरी मिलने पर लाखो का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस पर बिजली निगम के एक्सईन रणवीर सिंह ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा बिजली चोरी रोकने को लेकर कार्यवाही की जा रही है।