फतेहाबाद के फव्वारा चौक पर लगे गंदगी के ढेर।
फतेहाबाद। नगर परिषद के कर्मचारियों ने शनिवार को भी हड़ताल जारी रखी। इस दौरान शहर में न तो सफाई हुई और ना ही घरों से सफाई कर्मचारी कूड़ा कर्कट उठाने के लिए आए। कर्मचारियों के कामकाज ठप रखने के कारण शहर में 80 टन कूड़ा जमा हो गया है। गलियों से लेकर सड़कों व डंपिंग प्वाइंट पर कूड़े के ढेर ही दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हड़ताली कर्मचारियों ने शनिवार को नगर परिषद कार्यालय में धरना दिया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
हड़ताल की अध्यक्षता कर्मचारी नेता रविंद्र लौट ने की व संचालन ओमप्रकाश लौट ने किया। हड़ताल को समर्थन देने पहुंचे हरियाणा फायर कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष प्रधान राजेन्द्र सिन्नद, जिला प्रधान रघुवीर सिंह, नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सत्यवान चौहान ने कहा कि फतेहाबाद प्रशासन समय रहते कर्मचारियों की न्यायोचित्त मांगों को माने अन्यथा पूरे जिले के नगरपालिका कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी जिम्मेवार फतेहाबाद के अधिकारियों की होगी।
कर्मचारी नेता बोले- अधिकारी चाहें तो एक घंटे में समाप्त हो सकती है हड़ताल
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि फतेहाबाद नगरपरिषद के अधिकारी जानबूझकर हड़ताल को आगे बढ़ा रहे हैं। अगर वह चाहे तो एक घंटे के अंदर हड़ताल को समाप्त करवा सकते हैं, लेकिन उन्हें शहर की जनता के स्वास्थ्य की थोड़ी सी भी फिक्र नहीं है। सफाई व्यवस्था ठप होने से शहर में गंदगी के अंबार लगे है और महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है, इसके बावजूद अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तुषामड़ ने कहा कि हरियाणा चीफ सेक्रेटरी और अर्बन लोकल बॉडी विभाग द्वारा जारी परिपत्र जिसमें डायरेक्टर ने स्पष्ट किया हुआ कि सभी पालिका, परिषद, निगम के कर्मचारियों को समान काम समान वेतन दिया जाए परंतु फतेहाबाद नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी अपने अड़ियल रवैये के कारण इन आदेशों को लागू नहीं कर रहे हैं। उन्होंने शहरवासियों को हो रही असुविधा पर चिंता जताई और कहा कि शहरवासियों को हड़ताल के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन वे अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। समान काम-समान वेतन पहले ही काफी पालिका, परिषद व निगमों में लागू हो चुका है जिसका पूरा रिकाॅर्ड वे फतेहाबाद प्रशासन को भी दे चुके हैं, लेकिन फिर भी कार्यकारी अधिकारी अड़ियल रवैया छोडने को तैयार नहीं है।