भूना (फतेहाबाद)। गांव चौबारा में अनुसूचित जाति के युवक के उत्पीड़न मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मंगलवार को अनुसूचित जाति के लोगों ने पुलिस थाने में जमकर हंगामा किया। एएसपी सृष्टि गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत किया तो प्रदर्शनकारी पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट के सामने धरना लगाकर बैठ गए।
अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा किए गए हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सक्रिय हुई और पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा दी है। मंगलवार को चौबारा गांव का पीड़ित परिवार व भीम आर्मी के पदाधिकारी एवं सदस्य आंबेडकर पार्क उकलाना रोड पर एकत्रित हुए। जहां से वे पैदल शहर में रोष प्रदर्शन करते हुए पुलिस स्टेशन पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने डीएसपी फतेहाबाद के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। पीड़ित के पिता ने शीशपाल व भाई कृष्ण कुमार व उसकी मां और बहनों ने आरोप लगाए हैं कि डीएसपी आरोपियों के साथ सांठगांठ कर चुके हैं। इसलिए पीड़ित पक्ष को लगातार जाति प्रमाण पत्र से लेकर अन्य दस्तावेजों के लिए इधर-उधर भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार रात्रि को दबंग लोग उनके घर आकर समझौते के लिए अनावश्यक दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने कहा कि अगर पुलिस मूकदर्शक बनी रही तो उन्हें गांव चौबारा से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। हमलावर गांव में लगातार खुलेआम घूम रहे हैं और समझौते पत्र पर अंगूठा लगाने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। पीड़ित परिवार की बात को सुनकर एएसपी ने शिकायतकर्ता को सिक्योरिटी गार्ड तथा बस्ती में पुलिस गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा देते हुए कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार प्रयास कर रही है और जल्द ही दोनों हमलावरों को काबू किया जाएगा। मगर प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक थाने के मुख्य गेट के सामने धरना नहीं उठाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष महात्मा ज्योतिबा फुले जागृति मिशन हरियाणा अभिषेक नहला, भीम आर्मी फतेहाबाद के जिला प्रभारी कुलदीप बौद्ध, जिलाध्यक्ष अजय नहला, कौशल्या देवी चौबारा, सुमन देवी आदि मौजूद थे।
ये है मामला
गांव चौबारा निवासी एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 23 वर्षीय पवन कुमार ने बताया कि वह आईटीआई का छात्र है और शारीरिक फिटनेस को लेकर 3 जुलाई की शाम को जांड़ली वाले रास्ते पर दौड़ लगाने गया तो पीछे से आकर दो व्यक्तियों ने लाठी-डंडों से उसे बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी थी, लेकिन जब रोने- चिल्लाने लगा तो उसे मोटरसाइकिल पर जबरदस्ती बिठाकर खेतों में नहरी रजवाहे पर ले गए। जहां पर उसके साथ पुन: मारपीट की गई। मगर इसी दौरान पवन ने अपने बड़े भाई के पास फोन करके घटनाक्रम के बारे में जानकारी दे दी। लेकिन दोनों हमलावरों ने उसका फोन छीन लिया और ईंटें मारकर तोड़ दिया था। सूचना के तुरंत बाद उसके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। मगर हमलावरों ने उनके सामने पवन को डंडों से पीटने लग गए और उसकी मां व बहन को जातिसूचक एवं अभद्र आपत्तिजनक गालियां निकालीं। युवक के परिजन उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ले गए और इलाज के लिए भर्ती करवाया था। पुलिस ने घायल पवन कुमार की शिकायत पर 4 जुलाई को गांव चौबारा निवासी कृष्ण गरसा व विक्रम बांगडूवा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी थी।
आरोप, सरपंच ने पीड़ित परिवार को कहा मिर्चपुर बन जाएगा समझौता कर लो
अनुसूचित जाति के गूगन ने आरोप लगाते हुए बताया कि सरपंच जोगिंदर ने गांव की श्मशान भूमि के सामने मेरा मोटरसाइकिल रोककर कहा कि यहां तो आप पवन और विक्रम का फैसला करवा दो नहीं तो गांव के 100 युवा आपको देख लेंगे। सरपंच ने कहा कि गांव में विवाद बढ़ेगा जिससे कुछ भी हो सकता है। क्योंकि पहले गांव मिर्चपुर में कांड हो चुका है। पुलिस ने सरपंच व गूगन के बीच की ऑडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में सरपंच ने कहा कि उसने मात्र गांव का भाईचारा बना रहने के लिए फैसले के लिए गूगन के साथ आमने-सामने बातचीत की थी। मैंने उन्हें धमकी भरे शब्द नहीं कहे।
चौबारा निवासी पवन कुमार के साथ मारपीट मामले में पुलिस ने कृष्ण व विक्रम के खिलाफ 4 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया था। डीएसपी हेडक्वार्टर मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि यह डीएसपी के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है। पुलिस दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रयास कर रही है जल्द ही काबू किए जाएंगे। बस्ती में पुलिस गश्त बढ़ा दी है और पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी गई है। वहीं सरपंच के खिलाफ दी गई शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है।
- सृष्टि गुप्ता, एएसपी